सावन का हर दिन स्पेशल होता है। सावन के सोमवार को देवों के देव महादेव की पूजा की जाती है तो मंगलवार को देवी पार्वती का मंगला गौरी का व्रत रखा जाता है। ठीक उसी तरह सावन के बुधवार के दिन महादेव और पार्वती के पुत्र गणेशजी की पूजा करने का विधान है। क्योंकि सावन बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का प्रिय दिन माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, अगर सावन बुधवार के दिन शिव पुत्र गणेश को प्रसन्न करने के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं। इन उपायों के करने से व्यक्ति के सभी कष्ट दूर होते हैं और जीवन में मंगल ही मंगल होता है। आइए जानते हैं विघ्नहर्ता गणेशजी को प्रसन्न करने के लिए कौन से उपाय करें।
हर मनोकामना होती है पूरी : शिवपुत्र गणेश प्रथम पूजनीय देवता हैं और हर शुभ कार्य से पहले उनकी पूजा करने का विधान है। इसलिए सावन के हर बुधवार को गणेशजी को मूंग के लड्डू का भोग लगाएं, अगर मूंग के लड्डू संभव नहीं है तो गुड़ का भी भोग लगा सकते हैं, ऐसा आप सावन के पहले बुधवार से शुरू करें और सात बुधवार तक करते रहें। ऐसा करने से मनोवांछित फल प्रदान करते हैं और बुध ग्रह का दोष भी खत्म होता है।
सभी विघ्न होते हैं दूर : विघ्नहर्ता गणेश को सावन बुधवार के दिन हरी दूर्वा घास जरूर अर्पित करें। साथ ही गणेश मंत्र ओम गं गणपतए नम:’ का 108 बार जप करें। मान्यता है कि गणेशजी को दूर्वा चढ़ाने से वह अपने भक्त के सभी विघ्नों को दूर करते हैं और अपनी कृृपा पूरे परिवार पर बनाए रखते हैं। ध्यान रखें कि दूर्वा की 11 या 21 गांठ ही भगवान गणेश को चढ़ाएं।
कर्ज से मिलती है मुक्ति : आर्थिक उन्नति और कर्ज से मुक्ति के लिए सावन के पहले बुधवार के दिन विधि पूर्वक भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करें और गणपति अर्थवाशीर्ष और गणेश स्त्रोत का 11 बार पाठ करें। नारद पुराण में बताया गया है कि इनके पाठ से जीवन की सभी अड़चन दूर होती हैं और अगर यह पाठ सच्चे मन से सावन में किया जाए तो तुरंत फलदाई होता है।
बुध दोष भी होता है दूर : सावन बुधवार के दिन गाय को हरी घास के साथ सवा पाव हरी मूंग की दाल लें और उसे पानी में उबाल लें। इसके बाद उस दाल में घी और चीनी मिलाकर किसी गाय को खिला दें। ऐसा करने से बुध दोष भी दूर होता है और गणपति महाराज की सदैव कृृपा भी बनी रहती है। ऐसा करने मां लक्ष्मी की भी आशीर्वाद प्राप्त होता है और करियर में ग्रोथ मिलती है।