एक सौर तूफान के कारण मंगलवार की रात को आसमान में औरोरा देखने को मिला। औरोरा पृथ्वी के आसमान में एक नेच्युरल लाइट डिसप्ले की तरह है। औरोरा को ध्रुवीय लाइट भी कहा जाता है, जो उच्च अक्षांश वाले क्षेत्रों में देखा जा सकता है। सूर्य से निकलने वाली रेडियशन जब पृथ्वी के मैग्नेटोस्फीयर से टकराती हैं तो औरोरा दिखने की संभावना होती है। हाल ही में स्पेस वेदर की शोधकर्ता डॉ. तमीथा स्कोव ने भविष्यवाणी की थी कि पृथ्वी से एक सौर तूफान टकराएगा, जिसके कारण मजबूत औरोरा देखने को मिल सकते हैं। स्कोव की ओर से ट्विटर पर वॉर्निंग दी थी कि सोलर फ्लेयर के पृथ्वी से टकराने की संभावना है। उन्होंने ये भविष्यवाणी भी की थी कि सौर तूफान, जीपीएस और रेडियो सिग्नल में समस्या पैदा कर सकता है। डॉ. तमीथा स्कोव की भविष्यवाणी के बाद अमरीका में स्काई वाचर्स ने आसमान में मंगलवार की रात को रंगीन औरोरा देखे। स्पेस वेदर के मुताबिक 19 जुलाई को ग्रह के चुंबकीय क्षेत्र में एक दरार खुलने के बाद सौर हवा पृथ्वी के मैग्नेटोस्फीयर में प्रवेश कर गई, जिसके कारण एक जी 1 श्रेणी का भू-चुंबकीय तूफान देखा गया। सोशल मीडिया पर लोगों ने इसकी तस्वीरें शेयर कीं।क्या होते हैं सोलर फ्लेयर, नासा के मुताबिक सोलर फ्लेयर वह रेडिएशन होते हैं जो सूर्य से फट कर निकलते हैं। सूर्य पर मौजूद धब्बे जिन्हें सनस्पॉट कहा जाता है, ए उनसे बाहर निकलते हैं। सोलर फ्लेयर हमारे सोलर सिस्टम के सबसे बड़े एक्सप्लोजिव इवेंट्स में से हैं। फ्लेयर को देखने के लिए एक्स-रेऔर ऑप्टिकल लाइट इस्तेमाल की जाती हैं।