बारिश के दिनों में पानी जनित बीमारियों की संख्या बढ़ जाती है। इनमें मलेरिया भी शामिल है। माना जाता है कि मलेरिया विशेष प्रकार के मच्छर के काटने से होता है। इसमें मरीज को तेज बुखार होता है। यह मच्छर सूर्यास्त के बाद काटता है। सही समय पर उपचार मिल जाने पर मलेरिया का मरीज 2 हफ्तें में पूरी तरह ठीक हो सकता है। यह जानलेवा बीमारी होती है, फिर भी आप इसके खतरे को घरेलू नुस्खों से कम कर सकते हैं। एक स्टडी के अनुसार, मलेरिया में अदरक का उपयोग फायदेमंद होता है। इसमें मौजूद जिन्जेरॉल में एंटी-माइक्रोबियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते है, जो मलेरिया के दौरान होने वाले दर्द व मतली से राहत दिलाने का काम करते हैं। इसके अलावा, अदरक में एंटी-मलेरिया गुण भी होते हैं, जिस कारण मलेरिया से बचाव हो सकता है। आधा चम्मच सूखे अदरक का पाउडर लें और इसे आधे गिलास पानी में अच्छी तरह से मिला लें। इस तैयार मिश्रण को दिन में तीन बार पिएं। पपीता के पत्तों को मलेरिया के उपचार में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा मलेरिया में खून की कमी होने पर भी पपीते का सेवन फायदेमंद होता है। 4-6 ताजा पत्तियों को तोड़ लें। इसे पानी में 15-20 मिनट तक उबलने के लिए रख दें। फिर इसे छानकर स्वादानुसार शहद मिलाकर दिन में दो से तीन बार रोज पिएं। मेथी के बीजों को लेकर हुए एक स्टडी के अनुसार, मलेरिया में होने वाली कमजोरी से निपटने के लिए मेथी के दाने एक अच्छा उपचार साबित हो सकते हैं। फिटकरी में मॉस्किटो लार्विसाइडल गुण होता है, जो मलेरिया के मच्छर के काटने से होने वाले संक्रमण से लडक़र मलेरिया से छुटकारा दिला सकती है। एक ग्राम फिटकरी का पाउडर और दो ग्राम चीनी का मिश्रण मलेरिया का बुखार होने पर हर दो घंटे में आधा चम्मच मिश्रण का सेवन करें।
पपीते के पत्ते से लेकर फिटकरी तक, ये 5 चीजें हैं मलेरिया के दुश्मन