नई दिल्ली : देश में मंकीपॉक्स के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। केरल, दिल्ली में इसके केस मिल चुके हैं। अब बिहार में भी एक संदिग्ध केस मिला है। इसके चलते इन राज्यों में एयरपोर्ट्स पर कड़ी जांच की जा रही है। वहीं उत्तर प्रदेश में भी सरकार मंकीपॉक्स को लेकर तैयारी में है। दिल्ली में विदेश से आने वालों की जांच की में अगर मंकीपॉक्स के लक्षण मिले तो उन्हें लोक नायक जय प्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल भेजा जाएगा। यह फैसला दिल्ली में मंकीपॉक्स का पहला मामला सामने आने के बाद सोमवार को दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने किया है। दिल्ली सरकार ने जिला अधिकारियों को मंकीपॉक्स को लेकर कड़ी निगरानी रखने के आदेश दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर तेज बुखार, पीठ दर्द और जोड़ों में दर्द जैसे लक्षण वाले यात्रियों को एलएनजेपी अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भेजा जाएगा। मरीजों को देखने के लिए 20 लोगों की टीम तैयार की गई है। इसके अलावा संदिग्ध मरीजों के सैंपल पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ   वायरोलॉजी भेजे जाएंगे। जबकि जिला प्रशासन परिवार के सदस्यों को क्वारंटाइन करेगा और ऐसे संदिग्ध मरीजों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग भी होगी। दिल्ली में मंकीपॉक्स से 34 साल का व्यक्ति संक्रमित हुआ है। एलएनजेपी में उसका इलाज चल रहा है। सरकार ने एलएनजेपी अस्पताल को नोडल केंद्र बना दिया है। वहां डॉक्टरों को ट्रेंड किया जा रहा है। केरल में अब तक मंकीपॉक्स के तीन मामले सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों को तेज बुखार या मंकीपॉक्स के अन्य लक्षणों की जांच के लिए एयरपोर्ट्स पर थर्मल स्कैनिंग करना जरूरी होगा। हमारे पास सभी 14 जिलों में टीकाकरण की सुविधा है, हमने अपने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों, विशेष रूप से त्वचा विशेषज्ञों को जागरूक कर दिया है। चिंता की कोई बात नहीं है, लेकिन सभी को सावधान रहना चाहिए। उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को प्रशासन को आदेश दिए हैं कि राज्य के सभी कोविड अस्पतालों को मंकीपॉक्स के लिए रिजर्व कर दिया जाए। दूसरी ओर देश में बढ़ते मंकीपॉक्स के मामले के बीच बिहार में भी इस वायरस का पहला संदिग्ध मरीज मिला है। बताया जा रहा है कि मरीज पटना सिटी के गुडहट्टा इलाके की रहने वाली एक महिला है। स्वास्थ्य विभाग ने सैंपल को जांच के लिए भेज दिया है। महिला में मंकीपॉक्स के सभी लक्षण मिले हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग इस केस को संदिग्ध मान रहा है। महिला की ट्रैवल हिस्ट्री के बारे में अब तक कुछ पता नहीं चल पाया है। इस बीच बिहार स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने बताया कि मंकीपॉक्स को लेकर आज हमने हाई लेवल की बैठक की है और बैठक में हमने इसके लक्षण क्या है, लक्षण दिखाई देने के बाद उसकी जांच करना और उससे संबंधित सभी सुझाव पर चर्चा की। हमें इस बीमारी से सतर्क रहने की जरूरत है और दिशानिर्देशों का पालन करना है।