नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नेशनल हेराल्ड अखबार से जुड़े कथित धन शोधन के मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से बुधवार को लगातार तीसरे दिन तीन घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। हालांकि, उन्हें कोई नया समन जारी नहीं किया गया है, जो इस बात का संकेत है कि उनसे एजेंसी की पूछताछ पूरी हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को पूछताछ के साथ सोनिया गांधी से गत तीन दिन में 11 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई है और उन्होंने करीब 100 सवालों का सामना किया है। उन्होंने बताया कि गांधी से पहले दौर की पूछताछ 21 जुलाई को हुई थी। सोनिया गांधी अपनी बेटी प्रियंका गांधी वाद्रा और बेटे राहुल गांधी के साथ पूर्वाह्न 11 बजे मध्य दिल्ली में संघीय जांच एजेंसी के कार्यालय पहुंचीं। जांचकर्ताओं के एक दल ने सोनिया गांधी (75) से पूर्वाह्न करीब सवा 11 बजे पूछताछ शुरू की। जांचकर्ताओं में मुख्य जांच अधिकारी और गांधी द्वारा दिए गए बयानों को कम्प्यूटर पर दर्ज करने वाला एक व्यक्ति शामिल है।कांग्रेस अध्यक्ष दोपहर करीब दो बजे बेटी प्रियंका के साथ ईडी दफ्तर से रवाना हुईं। प्रियंका पूछताछ के दौरान अपनी मां को कोई सहायता या चिकित्सा देखभाल के लिए ‘प्रवर्तन भवन’ (ईडी मुख्यालय) में ही रहीं। सोनिया गांधी से कांग्रेस द्वारा प्रोत्साहित यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड में कथित अनियमितता से जुड़े आरोप को लेकर सवाल पूछे गए। इसी कंपनी के पास नेशनल हेराल्ड अखबार का स्वामित्व है। माना जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष पार्टी के रुख पर कायम रहीं कि एसोसिएट जर्नल लिमिटेड (एजेएल)- यंग इंडियन करार में कोई निजी संपत्ति नहीं बनाई गई और इसके दिन-प्रतिदिन का काम दिवंगत मोतीलाल वोहरा सहित पार्टी पदाधिकारी देखते थे। कांग्रेस नेता पवन बंसल और मल्लिकार्जुन खडक़े से इस मामले में ईडी पहले ही पूछताछ कर चुकी है। अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के दौरान कोविड-19 अनुकूल प्रोटोकॉल का अनुपालन किया गया और ऑडियो-वीडियो मोड पर बयान दर्ज किया गया। कांग्रेस ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ ईडी की कार्रवाई की निंदा की है और इसे ‘‘ राजनीतिक बदले की कार्रवाई’’ और ‘‘उत्पीडऩ’’ करार दिया है। पिछले दो बार की तरह दिल्ली पुलिस ने इस बार भी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और त्वरित कार्रवाई बल (आरएफ) सहित भारी संख्या में जवानों की तैनाती की थी। गांधी के आवास और ईडी के कार्यालय के एक किलोमीटर के दायरे में अवरोधक लगाए गए थे। इलाके में यातायात प्रतिबंध भी लगाए गए थे। इसी मामले में राहुल गांधी से पिछले महीने पूछताछ की गई थी। उनसे पांच दिनों में करीब 50 घंटे तक ईडी ने पूछताछ की थी। ईडी द्वारा पिछले साल धनशोधन रोधी अधिनियम (पीएमएलए) के तहत नए सिरे से आपराधिक मामला दर्ज किए जाने के बाद सोनिया गांधी और राहुल गांधी से पूछताछ का कदम उठाया गया। ईडी ने यह मामला निचली अदालत द्वारा आयकर विभाग की ओर से यंग इंडियान के खिलाफ की गई जांच पर संज्ञान लेने के बाद दर्ज किया।
ईडी ने सोनिया गांधी से पुन: 3 घंटे तक की पूछताछ