गुवाहाटी : असम में जल्द ही निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन होगा। 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले ही असम सहित पूर्वोत्तर के सभी राज्यें विधानसभा तथा लोकसभा चुनाव क्षेत्रों के परिसीमन के लिए तैयारी कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने असम में चुनाव क्षेत्रों के परिसीमन के लिए 28 फरवरी, 2020 को अधिसूचना जारी की थी और राष्ट्रपति ने भी इसमें  मंजूरी दी थी। हालांकि, कानून व्यवस्था की स्थिति के कारण निर्वाचन क्षेत्र  के परिसीमन की प्रक्रिया रुकी हुई थी। सुप्रीम कोर्ट ने असम, पड़ोसी राज्य अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और नागालैंड द्वारा निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन की मांग करने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद केंद्र सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए सोमवार को एक नोटिस जारी किया। सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति हृषीकेश रॉय और न्यायमूर्ति एमके जोसफ की खंडपीठ ने केंद्रीय गृह मंत्रालय और चुनाव आयोग को निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के फैसले पर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। जनहित याचिका में कहा गया है कि पूर्वोत्तर राज्यों के निर्वाचन क्षेत्रों को 51 साल पहले विभाजित किया गया था और जनसंख्या संरचना में बदलाव के कारण निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं और आरक्षण को फिर से परिभाषित करने की आवश्यकता है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट की इस सक्रियता के बाद असम के मुख्यमंत्री ने भी निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन की ओर संकेत किया है। सीएम ने एक बयान में कहा कि केंद्र सरकार ने कुछ दिनों पहले निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्निर्धारण पर असम सरकार के विचार प्राप्त किए थे। सीएम ने कहा कि असम सरकार भी निर्वाचन क्षेत्र के परिसीमन के पक्ष में है। स्वाभाविक रूप से अब 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले ही चुनाव क्षेत्रों के पुनर्गठन की संभावना है।