दिसपुर/गुवाहाटी : राज्य में अब जिहादी हर जगह जड़ें जमा रहे हैं। भारतीय उपमहाद्वीप के अल-कायदा और अंसारुल्लाह बांग्ला टीम ने असम के कई जिलों में स्लीपर सेल बना लिया है। असम पुलिस ने अल-कायदा और अंसारुल्लाह बांग्ला के एक मॉड्यूल को नष्ट कर दिया है। पुलिस ने एक दिन के भीतर बरपेटा, ग्वालपाड़ा, मोरीगांव और गुवाहाटी के कई स्थानों में अलग-अलग छापेमारी कर अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (एबीटी) के 13 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ऑपरेशन असम पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता थी और पहली बार पुलिस धार्मिक मदरसों से जिहादी गतिविधियों के बारे में भयानक जानकारी को उजागर करने में सक्षम थी। मोरीगांव जिले के दो मदरसों को पुलिस ने सील कर मदरसे के मुखिया मुफ्ती मुस्तफा को गिरफ्तार किया। मोरीगांव जिले के मोइराबारी के जमीउल हुदा नामक मदरसे के प्रमुख मुफ्ती मुस्तफा ने पुलिस के सामने बयान दिया है कि उसने पुलिस के हाथों गिरफ्तार जिहादियों से नियमित रूप से धन प्राप्त करते आया है। अधिकारियों ने जमीउल हुडा मदरसा और पास के जामिया तस्लीनहाट टाइटल बनात महिला मदरसा को भी सील कर दिया है और ड्यूटी पर तैनात 7 शिक्षिका को पूछताछ के लिए गिरफ्तार कर लिया है। बरपेटा पुलिस ने भी बुधवार रात से जिहादी संगठन अनसारुल्लाह बांला टीम के खिलाफ अभियान तेज किया है। बरपेटा पुलिस ने बांग्लादेश के अनसारुल्लाह बांला टीम के लिए काम करने वाले 11 जिहादियों को गिरफ्तार किया है। सर्थेबारी से गिरफ्तार किए गए जिहादियों में क्रमश: मोइनुह बुक, रफिकुल इस्लाम, शाहजहां अली, काजीबुर हुसैन, जुबेर खान, हमीदुल इस्लाम, असमत अली, मगबुर अली और सिद्दीकी अली हैं। इससे पहले बरपेटा पुलिस ने गुवाहाटी के हाथीगांव इलाके से बरपेटा के बनियापाड़ा निवासी शाहनूर आलम नामक एक जिहादी को गिरफ्तार कर लिया था। शाहनूर के साथ बरपेटा पुलिस ने हाथीगांव के सिजुबाड़ी खानकाह से सिद्दीकी अली, मोरोगरा अली और अस्मत अली नामक तीन जिहादियों को भी गिरफ्तार किर्या है। इस बीच, पुलिस ने यह भी खुलासा किया है कि जिहादियों ने ग्वालपारा में भी स्लीपर सेल स्थापित किए हैं। बांग्लादेश भाग आए अंसारुल्लाह बाला टीम का सदस्य महबूब रहमान से संपर्क बनाए रखने वाले अब्बास अली को बंगाइगांव पुलिस ने ग्वालपाड़ा से गिरफ्तार कर लिया था। इस संदर्भ में जोगीघोपा थाने में 56/2022 नंबर में एक मामला दर्ज किया गया है। ग्वालपाड़ा के पाखिउरा गांव निवासी अब्बास अली ने मेहबाबुर रहमान को आश्रय दिया था और मोबाइल के सीम कार्ड भी बना दिया था। पुलिस सूत्र के अनुसार मेहबाबुर रहमान नें ग्वालपाड़ा जिले के कुछ युवाओं को जिहादी समूह की ओर आकर्षित करने और उन्हें संगठन के स्लीपर सेल बनने के लिए मनोवैज्ञानिक और शारीरिक व्यायाम का प्रशिक्षण दिया था। इस बीच, मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने पुलिस द्वारा जिहादी ठिकानों को खत्म करने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए संवाददाताओं से कहा, मोइराबाड़ी में एक मदरसे के एक शिक्षक को बांग्लादेश में एक जिहादी समूह से संबंध रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। हमने उस धार्मिक मदरसे को बंद कर दिया है। हमने जिला उपायुक्त को मदरसे के छात्रों को सामान्य स्कूलों में ले जाने के निर्देश दिए हैं। हाल ही में बरपेटा में कट्टरपंथियों के एक बड़े मॉड्यूल को ध्वस्त कर दिया गया है। मॉड्यूल में शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस बात के स्पष्ट प्रमाण हैं कि ये सभी बांग्लादेश में कट्टरपंथी समूहों से जुड़े हुए हैं। सीएम ने यह भी कहा कि हालांकि सरकारी मदरसों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है और पर कुछ इलाकों में अब भी धार्मिक मदरसे चल रहे हैं। मोरीगांव में मदरसा शिक्षकों के साथ बांग्लादेश सेे संबंध होने का प्रमाण मिला है। एक शिक्षक की गिरफ्तारी के बाद मदरसे को बंद कर दिया गया है। छात्रों को सरकारी स्कूलों में लाया गया है। हमने जांच शुरू कर दी है। मैं इसे पूरी तरह से जाने बिना टिप्पणी नहीं करता, लेकिन इस संदर्भ में कार्रवाई की जाएगी।