नई दिल्लीः आईटीआर की अंतिम तिथि 31 जुलाई तक अगर किसी करदाता ने अपना आईटीआर दाखिल नहीं किया है तो निराश मत हों। वे 31 दिसंबर 2022 तक रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। इसके लिए उनको लेट फीस चुकानी पड़ेगी। अगर उनकी इनकम 5 लाख रुपए से ज्यादा है, तब उसे अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2022 तक 5000 रुपए की लेट फीस देनी होगी। जबकि 5 लाख से कम आय की स्थिति में लेट फीस 1,000 रुपए देनी होगी। इनकम टैक्स डिपॉर्टमेंट की वेबसाइट पर दिए गए आंकड़ों के मुताबिक 10.54 करोड़ इंडिविजुअल रजिस्टर्ड यूजर हैं। असेसमेंट ईयर 2022-23 के लिए 5 करोड़ 82 लाख 88 हजार 962 लोगों ने अभी तक इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल किया है। इनमें से 3.01 करोड़ आईटीआर सत्यापित होने की प्रक्रिया में हैं। सीए अजय बगड़िया कहते हैं कि अगर कोई इनकम ग्रुप वाला व्यक्ति 31 जुलाई 2022 की तय तारीख तक आईटीआर दाखिल करने से चूक जाता है, तब भी वह अपना आयकर रिटर्न दाखिल कर सकता है। अगर किसी इंडिविजुअल टैक्सपेयर की सालाना आय 5 लाख रुपए से ज्यादा है, तब उसे अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2022 तक 5000 रुपए की लेट फीस देनी होगी। जबकि 5 लाख से कम आय की स्थिति में लेट फीस 1,000 रुपए देना होगा। वहीं, सीए संतोष मिश्रा कहते हैं कि मौजूदा आयकर नियमों में कम से कम 6 महीने की कैद और अधिकतम 7 साल की कैद की सजा का प्रावधान है। ऐसा नहीं है कि विभाग आईटीआर दाखिल करने में विफलता के हर मामले में करदाता के खिलाफ मुकदमा चला सकता है। आयकर विभाग केवल तभी मुकदमा चला सकता है, जब टैक्स की राशि 10,000 रुपए से अधिक हो। मिश्रा के मुताबिक भारत सरकार के पास इनकम ग्रुप वाले ऐसे व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा चलाने की शक्ति होती है, जो तय समय 31 दिसंबर 2022 तक 2022-23 के लिए आईटीआर फाइल नहीं करते हैं।
अब 31 दिसंबर 2022 तक दाखिल कर सकते हैं आईटीआर, देनी होगी लेट फीस