नई दिल्ली : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी)ने आज बुधवार हेराल्ड हाउस में स्थित यंग इंडियन के ऑफिस को सील किया। इसके साथ गेट पर नोटिस चिपकाया कि एजेंसी की अनुमति के बिना परिसर को नहीं खोला जाए। ईडी का यह एक्शन सोनिया गांधी और राहुल गांधी से नेशनल हेराल्ड केस में पूछताछ के बाद हुआ है। दूसरी ओर कांग्रेस ने बुधवार को दावा किया कि नरेंद्र मोदी सरकार के इशारे पर दिल्ली पुलिस ने उसके मुख्यालय, पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के आवासों को घेर रखा है तथा उसके नेताओं के साथ आतंकवादियों जैसा सुलूक किया जा रहा है जो प्रतिशोध और धमकी की राजनीति है। मुख्य विपक्षी दल ने यह दावा भी किया कि इस भयभीत सरकार ने महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ पांच अगस्त को प्रस्तावित उसके प्रदर्शन को विफल करने तथा लोगों का ध्यान भटकाने के मकसद से यह पूरी कवायद की है। दूसरी तरफ, पुलिस का कहना है कि ऐसी सूचना मिलथी कि कांग्रेस मुख्यालय पर प्रदर्शनकारी जमा हो सकते हैं, इसलिए ऐहतियातन यह कदम उठाया गया ताकि कोई अवांछित परिस्थिति न पैदा हो।  कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने संवाददाताओं से कहा कि आज जो हो रहा है, वह प्रतिशोध और धमकी की राजनीति है। परंतु एक कहावत है, विनाशकाले विपरीत बुद्धि। इस समय महंगाई, बेरोजगारी, जीएसटी का विनाशकाल है। उन्होंने कहा किल मोदी सरकार 2 हफ्ते तक संसद में महंगाई पर चर्चा से भागती रही। अब 5 अगस्त को हमारे प्रदर्शन को रोकने के लिए गृहमंत्री और दिल्ली पुलिस आज से ही शुरुआत कर चुके हैं। रमेश ने कहा कि जो धमकी देते हैं,जो प्रतिशोध की राजनीति करते हैं,जो भय का वातावरण फैलाते हैं, वही डरते हैं। डरने वाले हम नहीं हैं। कांग्रेस महासचिव अजय माकन ने कहा कि पांच अगस्त को महंगाई, बेरोजगारी और खाद्य पदार्थों पर जीएसटी लगाए जाने के खिलाफ प्रदर्शन का फैसला हुआ। आज डीसीपी की तरफ से पत्र आया कि आप लोग कोई प्रदर्शन नहीं कर सकते। आज शाम को कांग्रेस मुख्यालय को छावनी में तब्दील कर दिया गया। सोनिया जी और राहुल जी के आवास पर पुलिस का पहरा है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे जितना दबाव बना ले, हम महंगाई, बेरोजगारी और जीएसटी के खिलाफ प्रदर्शन के अपने फैसले से पीछे नहीं हटेंगे। कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र हैं और वहां ‘सीज करने की मानसिकता’ होना दुखद है। इस पूरी कवायद का मकसद एक तरफ अपमानित करना और धमकाना और दूसरी तरफ महत्वपूर्ण मुद्दों से ध्यान भटकाना और बरगलाना है। उन्होंने कहा  कि आज सरकार ने डर का माहौल पैदा किया है। पूरा देश देख रहा है कि ईडी का इस्तेमाल देश की सबसे पुरानी पार्टी के नेतृत्व के खिलाफ किस तरफ कर रहे हैं। यह एक भयभीत सरकार है । सिंघवी ने दावा किया कि आप (सरकार) इस संस्था, इस पार्टी, इन नेताओं के साथ आतंकवादियों की तरह सुलूक कर रहे हैं। यह सबसे घटिया स्तर की राजनीति है ताकि ध्यान भटकाया जा सके। इससे पहले रमेश ने ट्वीट किया कि दिल्ली पुलिस द्वारा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय से जुड़े मार्ग को बंद करना अब अपवाद की बजाय आम बात हो गई है। उन्होंने अब फिर से यही किया है जो रहस्यमयी है। उन्होंने 24 अकबर रोड’ स्थित कांग्रेस मुख्यालय के बाहर का एक वीडियो भी साझा किया जिसमें कई पुलिसकर्मी नजर आ रहे हैं। रमेश ने दावा किया कि सरकार के इशारे पर पुलिस ने कांग्रेस मुख्यालय, सोनिया गांधी और राहुल गांधी के आवासों को घेर रखा है। कांग्रेस के दावे पर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि  हमें अपनी विशेष शाखा से जानकारी मिली कि कांग्रेस मुख्यालय पर प्रदर्शनकारी एकत्र हो सकते हैं। इसलिए ऐहतियातन कदम उठाया गया है। हमने अवरोधक लगाए हैं और पुलिसकर्मियों को तैनात किया है ताकि कोई अवांछित परिस्थिति पैदा नहीं हो। इससे पहले, प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली में ‘नेशनल हेराल्ड’ कार्यालय में यंग इंडियन कंपनी के परिसर को अस्थायी रूप से सील कर दिया। इससे पहले, ईडी ने ‘नेशनल हेराल्ड’ से जुड़े धनशोधन के मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी से पूछताछ की थी। 

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उन्होंने यही कहा कि हमें कुछ पता नहीं है। उन्होंने पूरा ठीकरा मोतीलाल वोरा के माथे पर फोड़ दिया। अब वो इस दुनिया में नहीं रहे, इसलिए वो भी अपनी मर्यादा बचाने के लिए कुछ नहीं बोल सकते। ईडी सही रास्ते पर है, क्योंकि इस मामले में दस्तावेज देखना सबसे ज्यादा जरूरी है। वे कहते हैं कि  एसोसिएडेट जर्नल लिमिटेड पर 90 करोड़ रुपए का कर्ज था, जबकि एक रुपए का भी कर्जा नहीं था। उन्होंने ये बहाना बनाया था। उन्होंने यंग इंडिया को सिर्फ 50 लाख रुपए में कंपनी बेच दी। नेशनल हेराल्ड हाउस बिल्डिंग के चौथे मंजिल पर इस भ्रष्टाचार के सबूत भरे पड़े हैं। उन्होंने कहा कि लोग अब तक सीधे तौर पर समझ नहीं पाए हैं कि ये घोटाला है क्या? नेशनल हेराल्ड ने किया क्या है?  उन्होंने कहा कि  सोनिया और राहुल ने पहले यंग इंडिया लिमिडेट नाम की कंपनी 5 लाख शेयर कैपिटल पर बनाई। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस की 90 करोड़ कर्ज वाली आर्म एसोसिएडेट जर्नल लिमिटेड को सिर्फ 50 लाख देकर खरीद लिया। इनका दावा था कि एजेएल में कुछ नहीं बचा है सिर्फ कर्ज है, फिर भी हम 50 लाख देकर खरीद रहे हैं।