मुंबई : एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री बनने के 39 दिन बाद मंगलवार को महाराष्ट्र में मंत्रिमंडल का गठन हो गया। 50-50 फॉर्मूला के तहत दोनों ओर से 9-9 विधायक मंत्री बनाए गए। सबसे पहले भाजपा के राधाकृष्ण विखे पाटिल ने शपथ ली। नए मंत्रिमंडल में भाजपा के प्रभात लोढा सबसे अमीर हैं, जबकि मुख्यमंत्री खुद सबसे कम 10वीं पास हैं। शिंदे की नई टीम में सभी मंत्री करोड़पति हैं। सबसे अमीर मालाबार हिल्स से भाजपा विधायक मंगल प्रभात लोढा हैं। सबसे कम यानी 2 करोड़ की प्रॉपर्टी पैठण सीट से विधायक संदीपन भुमरे के पास है। कैबिनेट में 12 ऐसे मंत्री हैं, जिन पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से कुछ पर गंभीर धाराएं भी लगी हैं। चुनावी हलफनामे के मुताबिक मुख्यमंत्री शिंदे पर 18 और उप मुख्यमंत्री पर 4 क्रिमिनल केस दर्ज हैं। नई कैबिनेट में एक मंत्री 10वीं और 5 बारहवीं पास हैं। इनके अलावा एक इंजीनियर, 7 ग्रेजुएट, 2 पोस्ट ग्रेजुएट और एक डॉक्टरेट की उपाधि ले चुके हैं। बीजेपी के विधायक सुरेश खाडे सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे हैं। सीएम शिंदे भी 10वीं पास हैं और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने ग्रेजुएशन किया है। मंत्री मंगल प्रभात लोढा पेशे से बिल्डर हैं। चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उनके पास 441 करोड़ रुपए से अधिक की चल-अचल संपत्ति है। इनमें से 252 करोड़ रुपए से अधिक की चल संपत्ति और करीब 189 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है। 14 लाख रुपए की जगुआर कार, बॉन्ड और शेयर में अन्य निवेश हैं। लोढा के पास दक्षिण मुंबई में पांच फ्लैट हैं। राजस्थान में एक प्लॉट और उनकी पत्नी के पास मालाबार हिल्स इलाके में एक मकान है। हलफनामे के मुताबिक, लोढा पर पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं। वे छह बार विधायक रहे हैं। शिंदे मंत्रिमंडल का गठन होने के बाद इस पर पहली प्रतिक्रिया राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) से आई है। पार्टी की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा- एकनाथ शिंदे ने अपने मंत्रिमंडल में आधी आबादी यानी महिलाओं को जगह नहीं दी है। यह बहुत गलत है। आदित्य ठाकरे के करीबी आनंद दुबे ने भी महिला को मंत्री नहीं बनाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार का कहना है- सबका साथ, सबका विकास, लेकिन हमारी आधी आबादी के साथ सौतेला व्यवहार करती है। महाराष्ट्र विधानसभा का मानसून सत्र 10 से 18 अगस्त तक चलेगा। विधानमंडल सचिवालय ने मानसून सत्र से पहले की तैयारियों के लिए छुट्टियां कैंसिल कर दी हैं। सचिवालय की ओर से सोमवार को जारी एक आदेश के मुताबिक, 9 से 18 अगस्त के बीच कर्मचारियों की सभी छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और उन्हें कार्यालय में उपस्थित रहने को कहा गया है। 13 दिसंबर, 2018 को तेलंगाना के सीएम बनने के बाद के. चंद्रशेखर राव ने दो महीने से अधिक समय तक मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं किया था। उन्होंने गृह मंत्री मोहम्मद महमूद के साथ 68 दिनों तक सरकार चलाई थी। बाद में 19 फरवरी, 2019 को कैबिनेट विस्तार हुआ। वहीं, कर्नाटक के तत्कालीन मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने 26 जुलाई, 2019 को सरकार बनाने के बाद 3 हफ्ते तक अकेले सरकार चलाई थी। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम फडणवीस ने कैबिनेट विस्तार में देरी पर कहा कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाविकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार ने 40 दिन तक 7 सदस्यीय कैबिनेट के साथ काम किया।