गुवाहाटी : मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने बुधवार को जनता भवन स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में इंडियन टी एसोसिएशन, नॉर्थ-ईस्टर्न टी एसोसिएशन, टी एसोसिएशन ऑफ इंडिया और टी काउंसिल ऑफ इंडिया, असम टी प्लांटर्स एसोसिएशन और असम टी वर्कर्स यूनियन के प्रतिनिधिमंडल के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए एक बैठक की। बैठक में राज्य के चाय बागानों में प्रत्येक श्रमिक के न्यूनतम वेतन में 27 रुपए की वृद्धि करने का निर्णय लिया गया। इससे ब्रह्मपुत्र घाटी में चाय श्रमिकों का न्यूनतम दैनिक मजदूरी 232 रुपए और बराक घाटी में 210 रुपए तक बढ़ जाएगा।      शेष पृष्ठ 11 परमजदूरी वृद्धि का यह फैसला इसी साल 1 अगस्त से लागू होगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने 28 मई, 2021 को असम टी वर्कर्स यूनियन और चाय जनजाति के अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक कीऔर उसी वर्ष 23 फरवरी से चाय श्रमिकों के दैनिक वेतन में 38 रुपए की वृद्धि करने का निर्णय लिया था। इस फैसले से ब्रह्मपुत्र घाटी में चाय श्रमिकों का दैनिक वेतन 167 रुपए से बढ़ाकर 205 रुपए और बराक घाटी में 145 रुपये से बढ़ाकर 183 रुपए कर दिया गया था। वर्तमान राज्य सरकार ने चाय श्रमिकों के दैनिक वेतन में 27 रुपए प्रत्येक की वृद्धि करने का निर्णय लेने के बाद कार्यभार संभालने के 15 महीने के भीतर दैनिक वेतन में 39 प्रतिशत की वृद्धि की है। मुख्यमंत्री ने संगठनों के प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि ऑर्थोडॉक्स चाय पर सब्सिडी 7 रुपए प्रति किलो से बढ़ाकर 10 रुपए प्रति किलो की जाएगी। मुख्यमंत्री ने चाय बागान अधिकारियों से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत चाय श्रमिकों को प्रदान की जाने वाली राशन प्रणाली को बेहतर ढंग से व्यवस्थित करके चाय बागानों में चाय श्रमिकों को राशन वितरण की सुविधा के लिए किफायती दुकान लाइसेंस प्राप्त करने का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिन चाय बागान श्रमिकों को अभी तक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन कार्ड नहीं मिले हैं,उन्हें राशन कार्ड जारी करने की व्यवस्था की जाएगी। बैठक में मंत्री अजंता नेउग, संजय किसान, बिमल बोरा, असम चाय मजदूर संघ के अध्यक्ष पवन सिंह घटवार और केंद्रीय महासचिव और विधायक रूपेश ग्वाला सहित संगठनों के शीर्ष अधिकारी और पदाधिकारी शामिल थे।