बीफॉल भारत के मध्य-प्रदेश राज्य के होशंगाबाद जिले में पचमढ़ी हिल स्टेशन में स्थित एक बहुत खूबसूरत जलप्रपात है। इस झरने को जमुना प्रपात वॉटर फॉल भी कहा जाता है। पचमढ़ी सतपुड़ा की पहाड़ियों पर स्थित एक छोटा मगर आकर्षित शहर हैं और इसी की गोद में बी फॉल जलप्रपात स्थित हैं। पचमढ़ी का बी फॉल पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता हैं। बी फॉल को जमुना प्रपात के नाम से भी जाना जाता हैं। पचमढ़ी में बहुत सारे झरने हैं जिनमें से सबसे खास और लोकप्रिय झरना बी फॉल हैं। बी फॉल झरना यहां की घाटी के नीचे एक प्राकृतिक जल प्रपात है। इस झरने से वर्ष भर धारा प्रवाहित होती रहती हैं और इसका पानी पहाड़ी से 35 मीटर की गहराई में गिरता हैं। यह पचमढ़ी शहर से लगभग 2.5 से 3 किलो मीटर की दूरी पर हैं। पचमढ़ी हिल स्टेशन पर बहुत सारे झरने हैं, लेकिन यहां का बी फॉल झरने का उन तमाम झरनों की अपेक्षा अधिक प्रसिद्ध होने का एक प्रमुख कारण इसके पानी का अत्यधिक ऊंचाई से गिरता हैं। यह प्रपात पचमढ़ी हिल स्टेशन घूमने आने वाले पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र हैं। इस झरने का पानी शहर के लोगों के लिए पीने के काम भी आता हैं। बी फॉल घूमने के लिए गर्मियों का मौसम सबसे अच्छा माना जाता हैं, क्योंकि आप झरने के नीचे ऊंचाई से गिरने वाले ठंडे पानी में स्नान करने का लुत्फ उठा सकते हैं। जबकि बारिश में झरने का प्रवाह तेज होता हैं और पानी के साथ-साथ मिट्टी भी आती हैं। जो नहाने के लिए उपयुक्त नहीं है। बी फॉल घूमने के लिए सबसे अच्छा समय अक्तूबर से जून महीने का माना जाता है। बी फॉल के आलावा कहां-कहां घूम सकते हैं :

जटाशंकर मंदिर : पचमढ़ी के पर्यटक स्थलों में से एक जटाशंकर गुफा यहां का पवित्र स्थान माना जाता है। जब भस्मासुर ने भगवान शिव से वरदान पाने के बाद इसकी पुष्टि करने के लिए भोले नाथ पर ही आक्रमण कर दिया और भगवान शिव ने अपने आपको भस्मासुर से बचाने के लिए इस गुफा में शरण ली थी। यह एक प्राकृतिक शिवलिंग की गुफा हैं, जो एक विशाल चट्टान की छाया के नीचे हैं। इसमें विद्यमान पत्थरों का गठन पौराणिक सौ मुख वाले सर्पनाग से मैल खता है। इस गुफा का नाम जटाशंकर भगवान शिव के उलझे हुए बालों से मैल खाता हैं, इसलिए इसका नाम जटाशंकर रखा गया।

धूपगढ़ : सतपुड़ा पहाड़ी पर सबसे ऊंचा पॉइंट बिंदु धूपगढ़ हैं, जिसकी ऊंचाई 1,352 (4,429 फीट) मीटर हैं। यह मध्य-प्रदेश राज्य के पचमढ़ी में सतपुड़ा की पहाड़ी पर स्थित सबसे ऊंचा स्थान हैं। धुपगढ़ से सूर्योदय और सूर्यास्त का एक अद्भुत नजारा देखने को मिलता हैं। हालांकि इस स्थान तक पहुंचना इतना आसान नहीं क्योंकि इसके मार्ग में कई झरने और बड़ी चट्टानों से होकर गुजरना पड़ेगा। इस बिंदु तक ट्रैकिंग द्वारा ही पहुंचा जा सकता, जोकि कठिन हैं लेकिन असंभव नहीं हैं।

अप्सरा विहार : बी फॉल देखने के बाद आप अप्सरा विहार देख सकते हैं। पचमढ़ी के घने जंगल के अंदर अप्सरा विहार एक गहरा और शांत झरना हैं। जोकि 30 फीट की ऊंचाई से गिरता है और नीचे ठंडे पानी का एक कुंड बनाता है। यह पर्यटकों के लिए पिकनिक मनाने और छुट्टियां में घूमने जाने के लिए एक अच्छा स्थान हैं।

हांडी खोह : हांडी खोह नामक स्थान मध्य प्रदेश के खूबसूरत पहाड़ों पर घने जंगलों के बीच में स्थित 300 फिट की ऊंचाई पर एक खूबसूरत जगह हैं। इस स्थान का संबंध भगवान शिव के साथ जुड़ा हुआ हैं। माना जाता हैं कि एक दुष्ट राक्षस और भगवान शिव के बीच हुए लड़ाई में इस स्थान का जल सूख गया था और यह स्थान हांड़ी (वर्तन) के रूप में परिवर्तित हो गया था। हांडी खोह पर्यटकों के लिए एक आकर्षित स्थान हैं और यहां दूर-दूर से पर्यटक आते रहते हैं।

पांडव केव्स : पचमढ़ी की पांडव गुफा पर्यटकों को अत्यधिक आकर्षित करती हैं माना जाता है कि जब पांडवों का निर्वाशन हुआ था। तब उस दौरान पांचों पांडू पुत्र इस गुफा में आकर रूखे थे और अपने वनवास का कुछ समय यह बिताया था। लेकिन अब यह गुफा एक संरक्षित स्मारक बन चुकी है। यहां की पांच गुफाएं बौद्ध भिक्षुओं के लिए भी आश्रय स्थल बन गई थी और इसके बाद बोद्धों द्वारा इस स्थान को एक धार्मिक स्थान माना गया था।

बड़ा महादेव गुफाएं : बड़ा महादेव गुफा पचमढ़ी से लगभग 10 किमी. की दूरी पर स्थित है। यह भगवान महादेव या शिव का मंदिर है। यह 60 मीटर लंबी गुफा है। इन गुफाओं में भगवान ब्रह्मा, विष्णु और गणेश के मंदिर है। स्थानीय विश्वास के अनुसार, बड़ा महादेव गुफा वह स्थान है जहाँ भगवान विष्णु ने मोहिनी नाम की अप्सरा का रूप ले कर भस्मासुर राक्षस का वध किया था। इस गुफा में लगातार पानी टपकता रहता है और कुंड में एकत्रित होता रहता है। ऐसा माना जाता है कि इस कुंड में स्नान करने से सारी बाधाएं दूर हो जाती हैं। यह स्थान पूजा करने और प्रकृति की खोज करने के लिए सुंदर स्थान है।

बी-फॉल कैसे पहुंचे :

वायु मार्ग : मध्य-प्रदेश राज्य की राजधानी भोपाल में स्थित राजा भोज हवाई अड्डा आपके पर्यटन स्थल से सबसे नजदीक हैं। भोपाल से बी फॉल की दूरी लगभग 220 किलोमीटर हैं, जबकि जबलपुर से 260 और नागपुर से 290 किलोमीटर की दूरी पर हैं।

रेल मार्ग : फॉल पचमढ़ी के लिए सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन पिपरिया है। जोकि बी फॉल पर्यटक स्थल से मात्र 50 किलोमीटर की दूरी पर हैं। स्टेशन से राज्य परिवहन की बस या पर्सनल टैक्सी से अपने गंतव्य स्थान तक पहुंच सकते हैं।

सड़क मार्ग : पिपरिया से पचमढ़ी के लिए सीधी बस सेवा है जो बी फॉल का निकटतम स्थान है। पिपरिया के लिए आप भोपाल और आसपास के अन्य शहरों जैसे नरसिंहपुर, करेली, गाडरवारा से सीधी बस ले सकते हैं। नागपुर, इंदौर, जबलपुर और भोपाल जैसे शहरों से बस कनेक्टिविटी इतनी अच्छी नहीं है। बी फॉल और पचमढ़ी जाने के लिए टैक्सी सबसे अच्छा साधन है।