गुवाहाटी : शिक्षा मंत्री डॉ. रनोज पेगु की ओर से विधायकों को भेजे गए एक पत्र में राज्य सरकार के वित्तीय संकट की वास्तविक छवि सामने आ गई है। विद्यांजलि 2.एनएम योजना के तहत जाने-माने दाताओं और प्रायोजकों से सामग्री की आपूर्ति की व्यवस्था करने का अनुरोध करते हुए विधायकों को भेजे गए पत्र ने सरकारी शैक्षणिक संस्थानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त धन की कमी को लेकर विवाद खड़ा कर दिया है। उल्लेखनीय है कि 11 अगस्त को शिक्षा मंत्री की ओर से भेजे गए पत्र को प्राप्त करने के बाद कुछ विधायकों ने स्कूल के बुनियादी ढांचे के लिए फर्नीचर की खरीद के लिए धन की कमी को लेकर सरकार की आलोचना की। कुछ विधायकों ने आरोप लगाया कि लाभार्थी योजनाओं के लिए धन रखने वाली भाजपा सरकार के पास शिक्षण संस्थानों के लिए फर्नीचर खरीदने के लिए धन नहीं है। कई विपक्षी विधायकों ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि शिक्षामंत्री द्वारा भेजे गए पत्र में विधायकों से कहा गया है कि आपके चुनाव क्षेत्र में कुछ स्कूल बिजली के पंखे, मेज-कुर्सी, पेयजल आदि कुछ अपरिहार्य सुविधाओं के बिना चल रहे हैं। स्कूलों में इन सुविधाओं का होना सीखने के माहौल के लिए आवश्यक है। हालांकि सरकार इन सुविधाओं को प्रदान करती रही है, लेकिन वर्तमान में इन जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त धन की कमी हैं। इन कमियों को भरने में लंबा समय लगेगा। उन्होंने आगे कहा कि प्रधान मंत्री ने विद्यांजलि 2.0 नामक एक विशेष योजना शुरू की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार के लिए किसी भी व्यक्ति, सेवानिवृत्त अधिकारियों, व्यापारियों, युवाओं, सामाजिक संगठनों और निजी क्षेत्र आदि के स्वैच्छिक सहयोग को प्रोत्साहित करना है। ये संस्थान और व्यक्ति ॥Httpjnya//vidyanjali.education.gov.in/en  पोर्टल पर पंजीकरण के माध्यम से दान और सेवाएं प्रदान कर सकते हैं। शिक्षा मंत्री ने व्यावहारिक रूप से पत्र लिखकर विधायकों से अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में स्कूलों के लिए दान एकत्र करने का आह्वान किया है जिसके कारण कई विपक्षी विधायक नाराज हैं। शिक्षा मंत्री के पत्र आने के बाद प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विधायक अब्दुल रशीद मंडल ने कहा कि मंत्री रनोज पेगु के पत्र से पता चलता है कि सरकार कितनी वित्तीय संकट में  है। इससे निजी क्षेत्र के संस्थानों को लाभ होने का मार्ग प्रशस्त होगा। इस बीच विधायक रफिकुल इस्लाम ने कहा कि शिक्षा मंत्री एक सीधे-सादे व्यक्ति हैं। उन्होंने सरकार का अत्यधिक वित्तीय संकट में होने को लेकर सच कह दिया है। सरकार अब स्कूल नहीं चला सकती, इसलिए वह मदद मांग रही है। कई विधायकों ने सलाह दी कि वित्त संकट से छुटकारा पाने के लिए मुख्यमंत्री को हेलीकॉप्टर की यात्रा बंद करनी चाहिए, बाहर कैबिनेट बैठक रखना बंद करना चाहिए, बैठकों के नाम पर पैसा खर्च करना बंद करना चाहिए। हालांकि कुछ विधायकों की प्रतिक्रिया के बाद शिक्षा मंत्री ने वाट्सएप संदेश भेजकर सभी विधायकों से पत्र को अस्थायी रूप से स्वीकार नहीं करने का आग्रह किया। मंत्री पेगु ने वाट्सएप संदेश में कहा कि पत्र में कुछ संशोधन की जरूरत है। इसके बाद शिक्षा मंत्री रानोज पेगु ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि उनका पत्र विद्यांजलि पोर्टल के लिए लिखा गया था। सरकार के वित्तीय संकट की बात झूठ है। मेरे पत्र का गलत अर्थ निकाला गया। उन्होंने कहा कि विद्यांजलि पोर्टल के तहत जो स्कूल हैं वे अद्र्ध-सरकारी हैं। विद्यांजलि के लिए ही दान का अनुरोध किया गया था। विद्यांजलि समाज के लोगों से जुड़ी हुई है।