गुवाहाटी : दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया अब मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा के खिलाफ एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करने के कारण मुश्किल में हैं। कामरूप जिला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने दिल्ली के उपमुख्यमंत्री सिसोदिया को डॉ. हिमंत विश्वशर्मा के खिलाफ मानहानि के एक आपराधिक मामले में समन जारी किया है। सीजेएम कोर्ट ने आप नेता को 29 सितंबर में अदालत में पेश होने का आदेश दिया। उक्त मानहानि मामले में मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने गत 5 अगस्त में अपना बयान दर्ज किए थे। उल्लेखनीय है कि दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और आप नेता मनीष सिसोदिया ने गत 5 जून को आरोप लगाया था कि हिमंत विश्वशर्मा ने कोविड महामारी के दौरान अपनी पत्नी के स्वामित्व वाली कंपनी को पीपीई किट का ठेका दिया था। आप नेता ने मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा और उनकी पत्नी पर पीपीई किट की आपूर्ति के नाम पर घोटाला करने का आरोप भी लगाया और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। हालांकि, मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने सिसोदिया के खिलाफ कामरूप जिला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में मानहानि का आरोप लगाते हुए आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया। सीजेएम कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 499/5001 के तहत मानहानि का मामला दर्ज किया और मनीष सिसोदिया को 29 सितंबर में अदालत में पेश होने के लिए समन जारी किया। असम सरकार के महाधिवक्ता देवजीत सैकिया ने कहा कि आप नेता को अपने बयानों की सच्चाई साबित करने में विफल रहने पर दो साल तक की जेल हो सकती है। महाधिवक्ता ने यह भी कहा कि मनीष सिसोदिया को इस मामले में 29 सितंबर को जमानत की भी जरूरत पड़ सकती है।
मानहानि मामले में कामरूप सीजेएम ने किया तलब