नई दिल्ली : असम के सीएम हिमंत विश्वशर्मा ने कहा कि मदरसों को आतंकी हब के रूप में उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि मदरसों में शिक्षा देने की बजाय आतंकियों को ट्रेनिंग दी जा रही है। सरमा ने आगे कहा कि असम में ऐसे दो मदरसों को अब तक ध्वस्त किया गया है। हाल ही में असम प्रशासन ने बरपेटा जिले में एक निजी मदरसे को गिरा दिया। पुलिस के मुताबिक मदरसा सरकारी जमीन पर बना था और यहां आतंकियों को ट्रेनिंग दी जा रही थी। इस मामले में पिछले दिनों 2 आरोपी को गिरफ्तार भी किया गया था। शर्मा ने मदरसे के ध्वस्त होने के बाद पत्रकारों से कहा कि जांच में पता चला है कि इस मदरसे में अल कायदा का प्रशिक्षण शिविर चल रहा था। यहां पढ़ाई-लिखाई नहीं होती थी। पुलिस ने आरोपियों को पकड़ लिया है, अब आगे की कानूनी कार्रवाई होगी। मोरीगांव जिले में 4 अगस्त को सारुल्लाह बांग्ला और एक्यूआईएस संगठन से कनेक्शन के आरोप में प्रशासन ने पहली बार कार्रवाई की थी। प्रशासन ने मुस्तफा नामक संचालक को पहले गिरफ्तार किया था, फिर उसके निजी मदरसे पर बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया था। 23 मई को दिल्ली में एक कार्यक्रम में हिमंत ने कहा था कि देश में जब तक मदरसे रहेंगे, तब तक बच्चे इंजीनियर और डॉक्टर बनने के बारे में नहीं सोच पाएंगे। सरमा ने इस दौरान कहा था कि अगर आप बच्चों को धर्म से जुड़ी शिक्षा देना चाहते हैं तो घर पर दें, उसके लिए मदरसे का होना जरूरी नहीं है। 2020 में असम सरकार ने राज्य में मदरसों को अनुदान देना बंद कर दिया था। हिमंत उस वक्त राज्य के शिक्षा मंत्री थे। इस फैसले की वजह से राज्य में करीब 800 मदरसे बंद हो गए थे। हालांकि 1000 से ज्यादा निजी मदरसे अब भी राज्य में चल रहे हैं। इनका संचालन ऑल असम तंजीम मदारिस कौमिया करती है।
मदरसे आतंक के हब, यहां पढ़ाई के बदले आतंकियों को दी जाती है जिहादी ट्रेनिंग : हिमंत