गुवाहाटी : 10 साल पुराना शारदा चिटफंड घोटाला हाल ही में पश्चिम बंगाल की राजनीति में सुर्खियों में रहा है। सीबीआई ने 1,000 करोड़ रुपए के  शारदा घोटाले के सिलसिले में असम प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अंजन दत्त की बेटी और वर्तमान में असम युवा कांग्रेस की अध्यक्ष अंकिता दत्ता को समन जारी किया है। पश्चिम बंगाल के अलीपुर में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने युवा कांग्रेस की नेत्री अंकिता दत्ता को कोलकाता सीबीआई द्वारा  दायर आरसी04/एस/2014 नंबर के मामले में 3 सितंबर को अदालत के सामने पेश होने का आदेश दिया है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने 16 अगस्त को अंकिता दत्त को भारतीय दंड संहिता की धारा 420/120 (बी) और अवैध वित्तीय लेनदेन रोकथाम अधिनियम के तहत सवालों के जवाब देने के लिए नियत  तारीख पर व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया। उल्लेखनीय है कि अंकिता दत्त मैसर्स अनुभूति प्रिंटर्स एंड पब्लिकेशन्स लिमिटेड की वर्तमान मालकिन हैं। अंकिता के पिता स्वर्गीय अंजन दत्ता मेसर्स अनुभूति प्रिंटर्स एंड पब्लिकेशन्स लिमिटेड के मालिक थे, जहा सारदा समूह द्वारा प्रकाशित बंगाली समाचार पत्र सकालबेला और अंग्रेजी दैनिक समाचार पत्र द सेवन सिस्टर पोस्ट  प्रिंट होता था। सीबीआई ने सारदा चिटफंड घोटाले के सिलसिले में अंजन दत्त से कई बार पूछताछ की थी और अंजन दत्ता के स्वामित्व वाले आजिर दैनिक अखबार समूह के कर्मचारियों से भी पूछताछ की थी। शारदा घोटाले के सिलसिले में सुदीप्त सेन अभी भी जमानत के अभाव में बंगाल की जेल में हैं।  सीबीआई द्वारा तलब किए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अंकिता दत्ता ने संवाददाताओं से कहा कि  मैंने 2018 में अनुभूति प्रिंटर और प्रकाशन के निदेशक के रूप में पदभार संभाला। उन्होंने आगे कहा कि मैं पहले अनुभूति प्रिंटर्स के प्रबंधन में शामिल नहीं थी। सीबीआई ने 2014 में सारदा घोटाले में केस दर्ज किया था। मैं उस समय दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ रही थी। मुझे समझ में नहीं आता कि मुझ पर सीबीआई मामले में आरोप क्यों लगाया गया। हालांकि,अंकिता दत्ता ने कुछ राजनीतिक प्रभाव प्राप्त किया है और सत्ता के विरोध में सक्रिय रूप से शामिल हो गई हैं। उन्होंने हाल ही में नलबाड़ी में मुख्यमंत्री के सबसे करीबी मंत्रियों में से एक जयंतमल्ल बरुवा को फटकार लगाई थी। सोशल मीडिया पर इस बात की भी आलोचना हो रही है कि अंकिता की बढ़ती गतिविधियों और लोकप्रियता के प्रति जागरूक राजनीतिक ताकतों ने उन्हें खतरे में डालने के लिए सीबीआई मामले में तलब किया है। इसलिए यह देखना बाकी है कि 3 सितंबर को कोलकाता की अदालत में अंकिता दत्ता के पेश होने के बाद सीबीआई क्या रुख अपनाएगी।