ब्राजील में रहने वाली जनजाति के आखिरी सदस्य की भी मौत हो गई। यह जनजाति अमेजन के जंगलों में रहती थी। इस शख्स की मौत के बाद अब यह जनजाति धरती से पूरी तरह खत्म हो गई है। ब्राजील की इंडीजीनियस प्रोटेक्शन एजेंसी फुनाई की तरफ से इस शख्स के मौत की जानकारी दी गई है। बताया जाता है कि इस जनजाति का यह आखिरी शख्स कभी भी किसी बाहरी व्यक्ति के संपर्क में नहीं आया था और कई सालों से जंगलों में अकेले ही रहता था। इस इंसान को लोग गड्ढे का इंसान (रूड्डठ्ठ शद्घ ह्लद्धद्ग ॥शद्यद्ग) कहते थे, क्योंकि यह ज्यादातर गड्ढे में ही रहता था। यह शख्स अपनी रक्षा के लिए गड्ढे बनाता था और उसी में रहता था। लगातार इस जनजाति की जमीन पर हमले किए गए जिसमें इस शख्स के कई रिश्तेदारों और दौस्तों की मौत हो गई। आइए जानते हैं धरती से खत्म हो जाने वाली इस जनजाति के बारे में... बताया जाता है कि इस शख्स ने कभी किसी बाहरी इंसान से मिलने की कोशिश नहीं की। अगर कोई भी इंसान इस शख्स के पास जाता था, तो वह उसे जाल में फंसा लेता था और तीर से उस पर हमला बोल देता था। मैन ऑफ द होल के नाम से मशहूर यह शख्स बीते कई सालों से तनारु में रहता था। ब्राजील के रोंडोनिया राज्य के अमेजन जंगल में यह इलाका स्थित है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आवा जनजाति का यह शख्स था। अमेजन के जंगलों में रहने वाली इस जनजाति को ब्राजील का मूल निवासी माना जाता है। अंतर्राष्ट्रीय मीडिया इस शख्स को रहस्यमई इंसान के तौर पर जानती थी जिसकी उम्र करीब 60 साल थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सत्तर के दशक तक इस जनजाति के लोगों की अलग-अलग हमलों में मौत हो गई थी।  रिपोर्ट के मुताबिक, यह अपनी जनजाति का आखिर इंसान था। इस शख्स की मौत के बाद अब यह जनजाति धरती से खत्म हो गई है। सरकार की एक टीम ने साल 2018 में इस शख्स के ऊपर फिल्म बनाई थी। इस शख्स की लाश झोपड़ी के अंदर पाई गई थी। अभी तक जांच में पता चला है कि इस शख्स की किसी से कोई लड़ाई नहीं हुई थी। अधिकारियों ने भी किसी भी तरह की हिंसा नहीं होने की बात कही है। उनका कहना है कि इस शख्स की मौत प्राकृतिक है।