गुवाहाटीः गुवाहटी के वशिष्ठ स्थित जल संसाधन विभाग के कार्यालय परिसर में रविवार से आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के आज दूसरे दिन भी जल संसाधन मंत्री पीयूष हजारिका उपस्थित रहे। मंत्री हजारिका ने विभाग के अभियंताओं से बाढ़ एवं भूकटाव नियंत्रण पर विभिन्न नवोन्मेषी तकनीकी कौशल के बारे में जानकारी ली। आज दूसरे दिन के कार्यक्रम में विभागीय अभियंताओं की प्रस्तुति के बाद मंत्री हजारिका ने अपने वक्तव्य में कहा कि बाढ़ पूर्व एवं बाद साल में दो दफे जल संसाधन विभाग की ऐसे कार्यशालाओं का आयोजन किए जाएंगे। मंत्री ने कहा कि अगले अप्रैल महीने में अभियंताओं के लिए फिर से कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। विगत दो दिनों में विभाग संबंधी काफी कुछ जानने का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि कार्यशाला के जरिए विभागीय अभियंताओं को भी आपस में काफी कुछ सीखने का मौका मिला है। मंत्री ने अभियंताओं को ब्रह्मपुत्र नदी के तटबंधों के अति संवेदनशील कटाव ग्रस्त इलाकों की सूची तैयार करने का निर्देश देते हुए विभागीय कार्यों के लिए होनेवाले खर्च का एस्टीमेट बनाते समय ठेकेदारों से दूरी बनाए रखने की अपील की। उन्होंने सभी विभागीय अभियंताओं को जाति के प्रति वचनवद्ध होकर अथवा राज्य के प्रति स्नेहिल होकर काम करने की अपील की। विगत मानसून में नष्ट हुए जिन बांधों से बाढ़ हुई थी उन बांधों का काम यथाशीघ्र संपन्न कर अगली बाढ़ से पहले ही सभी को तैयार रहने की मंत्री ने अपील की।
इंजीनियरों की ऐसी कार्यशालाएं हर छह महीने में होंगी आयोजित : पीयूष