दिसपुरः असम सरकार के मंत्री तथा राज्य सरकार के प्रवक्ता पीयूष हजारिका ने आज दिसपुर में एक संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन बोरा द्वारा सरकारी नियुक्ति में भ्रष्टाचार होने संबंधी आरोपों का जवाब दिया है। मंत्री ने कहा कि मंडल कांग्रेस के अध्यक्ष पद की कीमत जिस पार्टी में 2 से 3 लाख रुपए, कार्बी आंग्लांग, गुवाहाटी नगर निगम तथा राज्य के पौर निकायों के चुनाव के दौरान पार्टी टिकट देने के नाम पर रुपए मांगने का आरोप लगा हो, उस पार्टी के अध्यक्ष द्वारा असम सरकार की नियुक्ति प्रक्रिया में भ्रष्टाचार होने संबंधी आरोप लगाना भूत के मुंह में राम नाम लेने जैसा है। मंत्री हजारिका ने कहा कि विगत एक साल से कांग्रेस के भीतर पद बेचने का आरोप लगता रहा है, ऐसी स्थिति में उनके अध्यक्ष द्वारा राज्य सरकार की नियुक्ति प्रक्रिया में भ्रष्टाचार होते देखना लोहे के चने चबाने जैसा है। दूसरी ओर एक व्यक्ति द्वारा नियुक्ति प्रक्रिया में भ्रष्टाचार होने संबंधी आरोप लगाने का जिक्र करते हुए मंत्री हजारिका ने कहा कि उस व्यक्ति के पास कोई तथ्य एवं प्रमाण मौजूद हैं तो वे पुलिस को बताएं। दूसरे किसी व्यक्ति के पास भी अगर कोई तथ्य-प्रमाण हों तो उसे पुलिस को सौंप सरकार को स्वच्छ नियुक्ति प्रक्रिया में सहयोग करने के लिए मंत्री ने अपील की। मंत्री ने कहा कि वर्तमान असम के विभिन्न बटालियनों में प्रशिक्षण ले रहे लगभग 15000 युवाओं को देखने मात्र से सभी समझ जाएंगे कि ये सभी युवा स्वच्छ नियुक्ति प्रक्रिया से नियुक्त होने में सक्षम हुए हैं। उन्होंने साथ ही कहा कि डॉ हिमंत विश्वशर्मा सरकार के शासन में रुपए देकर नौकरी पाने की कोई सोच भी नहीं सकता है। मंत्री ने कहा कि असम में टेट प्रक्रिया से शिक्षक नियुक्ति के जरिए तत्कालीन शिक्षा मंत्री और मौजूदा मुख्यमंत्री डॉ हिमंत विश्व शर्मा ने पहली बार के लिए संपूर्ण स्वच्छ प्रक्रिया से नियुक्ति की नींव रखी थी और इस तरह से टेट परीक्षा के जरिए नियुक्ति की व्यवस्था कराना ही तब कुछ कांग्रेसी नेताओं के साथ डॉ हिमंत विश्वशर्मा का मन मुटाव होने का प्रमुख कारण था। क्योंकि कुछ कांग्रेसी नेताओं ने उस समय भाई-भतीजावाद के सहारे नौकरी देने की पेशकश की थी। मंत्री हजारिका ने साथ ही असम के सभी नौकरी के उम्मीदवारों से किसी दलाल के चंगुल में न फंसने की अपील करते हुए कहा कि असम में अब दलालों के जरिए नौकरी का माहौल नहीं है। मंत्री ने सभी से यह अपील भी की कि अगर कोई नौकरी का झांसा भी दे तो तत्काल पुलिस अथवा सरकार को इसकी सूचना दें ताकि वैसे दलालों के खिलाफ कड़ाई से पहल की जा सके। पत्रकारों ने विक्टर दास द्वारा नियुक्ति प्रक्रिया में भ्रष्टाचार होने संबंधी आरोप लगाने के कारण पुलिस के जिम्मे में लेने के विषय में मंत्री को सवाल पूछने पर उन्होंने कहा कि आरोप लगाने वाले व्यक्ति अब तक किसी व्यक्ति का नाम, मोबाइल नंबर आदि देने में सक्षम नहीं हुआ है। उसके विपरीत ग्वालपाड़ा के किसी शमीम नामक एक व्यक्ति के साथ दो कोचिंग सेंटर चलाने वाले विक्टर दास ने उनके कोचिंग सेंटर से कोई भी नौकरी न पाने की बात से आशंकित होकर नियुक्ति प्रक्रिया के खिलाफ झूठा मनगढ़ंत कहानी बनाने की मंत्री ने आशंका व्यक्त की। मंत्री ने कहा कि सरकार की छवि धूमिल करने की कोशिश के तहत कई लोग गलत आरोप भी लगा सकते हैं। इस मामले में सरकार की स्थिति हमेशा अटल है कि नियुक्ति संपूर्ण स्वच्छ प्रक्रिया से ही होगी और कोई भी दलाल उम्मीदवारों के नौकरी पाने के मामले में कोई भूमिका नहीं निभा सकता है।