गुवाहाटी : जिनके घर में घरेलू काम के लिए बच्चे हैं, उन्हें अब सावधान रहना चाहिए। ऐसा इसलिए है क्योंकि अब से उन्हें अपने घरेलू काम के लिए बच्चों को घर लाने से पहले पंजीकरण कराना होगा। विधानसभा के शारदीय सत्र में विधायक दिगंत कलिता द्वारा बाल एवं महिला तस्करी पर उठाए गए सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री हिमंत विश्वशर्मा ने कहा कि घरेलू काम के लिए लाए जाने वाले बच्चों का पंजीकरण अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि  अब से कोई घरेलू कामों के लिए बच्चों को घर में रखेंगे तो उन्हें पढ़ाना होगा। घरेलू काम करने वाले बच्चों को शिक्षित नहीं करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार जल्द ही इस संबंध में कानून बनाएगी। उन्होंने कहा कि  बांग्ला टीम (एबीटी) के 40 जिहादी भी शामिल हैं, जिन्हें इस साल मार्च के बाद से गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि 114 कैडरों में से 23 लोगों के मामले जांच के लिए राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) को स्थानांतरित कर दिए गए हैं। शेष 91 लोगों में से 54 के मामले अभी भी जांच के लिए लंबित हैं,जबकि इन मामलों में आरोप पत्र दायर किए गए हैं। शेष 37 लोगों पर मुकदमा चल रहा है। मुख्यमंत्री हिमंत ने कहा कि मेघालय के उत्तर-पूर्वी अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (एनईएसएसी) ने पूरे असम में चर (सैंडबार) क्षेत्रों की मैपिंग पूरी कर ली है। राज्य के चर इलाकों में ज्यादातर बांग्ला भाषी मुसलमान रहते हैं। उन्होंने कहा कि बरपेटा, बंगाईगांव, मोरीगांव, धुबरी और ग्वालपाड़ा जिलों की पहचान राज्य में जिहादी गतिविधियों के ठिकाने के रूप में की गई है। डा. शर्मा ने सदन को बताया कि विदेशी नागरिक जिहादी गतिविधियों में शामिल हैं। ऐसे देशों में बांग्लादेश सबसे प्रमुख है। उन्होंने कहा कि इस साल गिरफ्तार किए गए 40 लोगों में से दो मोरीगांव और धुबरी जिलों की रहने वाली महिलाएं हैं। उल्लेखनीय है कि जिहादियों के खिलाफ सरकार के साथ अब अल्पसंख्यक समुदाय के लोग भी खड़ा हो गया। उनका साफ कहना है कि हम किसी भी जिहादियों को समर्थन नहीं करेंगे।