बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा कि देश में शिविरों में 10 लाख से अधिक रोहिंग्या शरणार्थियों का लंबे समय तक रहना सुरक्षा और स्थिरता के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है। शेख हसीना ने कहा कि रोहिंग्या शरणार्थियों के लंबे समय तक रहने से उनके अपने कष्टों के अलावा बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था, पर्यावरण, सुरक्षा और सामाजिक-राजनीतिक स्थिरता पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।
रोहिंग्या से खतरा