गुवाहाटी : केंद्र सरकार ने वृहस्पतिवार को दिल्ली में एक ओर असम के पांच आतंकवादी समूहों के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए तो दूसरी ओर विद्रोही संगठन अल्फा (स्वाधीन)के साथ प्रस्तावित शांति वार्ता की संभावना फिलहाल नजर नहीं आ रही है। इसी बीच अल्फा ने ऊपरी असम के  विभिन्न जिलों के बड़े  व्यापारियों को डिमांड नोट्स (मांग पत्र) भेजा है। इसके मिलने से व्यापारियों  खासकर हिंदीभाषी व्यापारियों में दहशत  है। इस मांग पत्र के मिलते ही लोगों के मन में अल्फा का पुराना आतंक एक बार फिर सजीव हो उठा है। अल्फा के शीर्ष अधिकारी रुपम असम की ओर से सुनहरे लिफाफे  में भेजे गए मांग पत्र ने व्यापारियों के चेहरे पर शिकन ला दी है। व्यापारियों का कहना है कि कोरोना के कारण व्यापार-धंधा पिछले तीन सालों से मंदा पड़ा है। इसी बीच अल्फा के डिमांड ने हमारी समस्या बढ़ा दी है। इस आतंकी संगठन ने ऊपरी असम और मध्य असम में कुछ व्यापारियों और उद्यमियों के साथ-साथ धनी कर्मचारियों को लक्षित करते हुए भी मांग पत्र भेजे हैं।अल्फा की ओर से तिनसुकिया, डिब्रूगढ़, शिवसागर, नगांव और शोणितपुर सहित कई जिलों में ठेकेदारों, व्यापारियों, सरकारी अधिकारियों,चाय बागान मालिकों और प्रबंधकों सहित तेल क्षेत्र के कर्मचारियों को डिमांड लेटर भेजे गए हंै। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के ठेकेदारों, नाईट सुपर बस मालिकों और नर्सिंग होम मालिकों को भी संगठन के मांग पत्र मिले हैं।  संगठन ने व्हाट्सएप के माध्यम से भी कुछ व्यक्तियों को समय-सीमा के साथ धमकी भरे संदेश भेजें हैं। म्यामां के शिविरों में खाद्य तथा वित्तीय संकट के कारण अल्फा ने मिशन प्रेमपत्र नामक एक धन उगाहने वाला अभियान शुरू किया है। अल्फा के इस अभियान का नेतृत्व रुपम असम नामक अल्फा कैडर कर रहा है।  कई लोग अल्फा के प्रेम पत्र मिलने से परेशान हैं। व्ह्वाट्स ऐप संदेश और प्रेम पत्र प्राप्त करने वालों में से कइयों ने पुलिस से संपर्क भी किया है, लेकिन कुछ लोग मामले को गुप्त रखने की कोशिश कर रहे हैं। कई लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मांग संदेश प्राप्त करने वाले व्यापारियों और व्यक्तियों को अल्फा के साथ मामले को रफा-दफा करने की सलाह दी है। अल्फा मांग पत्रों के खिलाफ दायर अधिकांश शिकायतों को पुलिस ने अपंजीकृत रखा है। अल्फा से लगातार धमकियां मिलने के बाद पुलिस की ओर से सुरक्षा के अभाव में अब वे अपने जीवन कीअसुरक्षा का अनुभव कर रहे हैं। हालांकि,वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने अल्फा के नाम पर कुछ असामाजिक तत्वों की ओर से ऐसा करने की बात कही गई है।