गुवाहाटीः विपक्ष के विधायकों ने ग्राहकों को मिल रहे बिजली के बढ़े हुए बिल का मुद्दा शुक्रवार को असम विधानसभा के शरदकालीन सत्र में उठाया और राज्य सरकार से इसपर बयान देने को कहा। एआईयूडीएफ के विधायक अशरफुल हुसैन ने प्रश्नकाल में यह मुद्दा उठाया और कहा कि असम में ज्यादातर बिजली उपभोक्ताओं का बिल पिछली बार के मुकाबले करीब दोगुना आया है। उन्होंने कहा कि असम विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (एपीडीसीएल) ने हाल ही में स्मार्ट मीटर लगाए हैं जिसके बाद सभी का बिजली बिल दोगुना हो गया है। हम सरकार से इस मुद्दे पर ध्यान देने का अनुरोध करते हैं क्योंकि इससे लोगों को परेशानी हो रही है। विपक्ष के विधायक का बिजली मंत्री नंदिता गार्लोसा ने माना कि यह विभाग के लिए चिंता की बात है, लेकिन कहा कि फिलहाल असम के लोग किसी परेशानी में नहीं हैं। इसप र कांग्रेस, एआईयूडीएफ, माकपा और राइजर दल के विधायक सहित विपक्ष के सभी सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन किया और सदन में जमकर हंगामा किया। कांग्रेस विधायल दल के उपनेता रकीबुल हुसैन ने इस मुद्दे पर बिजली मंत्री से बयान देने की मांग की। विधायक अखिल गोगोई ने भी कांग्रेस का समर्थन किया और बिजली की बढ़े दरों पर विस्तृत बयान देने की मांग की। उनकी मांगों पर विधानसभा अध्यक्ष विश्वजीत दैमारी ने कहा कि उत्पादन बढ़ा है, सरकार को बिजली बाहर से खरीदनी पड़ रही है, इसलिए दरों में वृद्धि हुई है। यह सुनने के बाद विपक्ष के सभी सदस्यों ने प्रदर्शन और हंगामा किया। विधायक अखिल गोगोई, कांग्रेस के विधायक कमलाख्य डे पुरकायस्थ और एआईयूडीएफ के विधायक करीमुद्दीन बरभुयां अध्यक्ष के असान के पास पहुंच गए और उनके बयान का विरोध किया। इस पर आपत्ति जताते हुए दैमारी ने कहा कि आसन की ओर ऐसे ऊंगली दिखाकर बात ना करें। हालांकि सदन के बाहर संसदीय कार्य मंत्री पीयूष हजारिका ने कहा कि बिजली का बिल बढ़ा है सरकार इस पूरी प्रक्रिया को देखा जाएगी कि आखिर कहां गड़बड़ी हो रही है। सरकार की ओर से जरूरी कदम उठाया जाएगा।
विपक्ष ने ग्राहकों को मिल रहे बिजली के बढ़े बिल पर सरकार से मांगा जवाब