गुवाहाटी : भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग)की रिपोर्ट सोमवार को विधानसभा में पेश  की गई, जिसमें राज्य में जारी वित्तीय अनियमितता का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार पूंजीगत व्यय जो 2019-20 में 13,468.55 करोड़ रुपए था, 2020-21 में घटकर 12,399.39 करोड़ रुपए रह गया। 2016-17 से 2019-20 तक पूंजीगत व्यय का रुझान ऊपर की ओर था। हालांकि, पूंजीगत व्यय 2019-20 के बाद धीरे-धीरे घटने लगा। 2019-20 में 13,468.55 करोड़ रुपए से 2020-20 में 12,399.39 करोड़ रुपए हो गया। इसका मतलब है कि इस वित्तीय वर्ष में पूंजीगत व्यय घटकर 1,069.16 करोड़ रुपए रह गया। तदनुसार, राज्य में पूंजीगत व्यय में 94 प्रतिशत गिरावट आई है। इतना ही नहीं, राज्य में गैर-कर राजस्व संग्रह की राशि में भी भारी दर से गिरावट दर्ज की गई है। 2018-19 में गैर-कर राजस्व 8,221.29 करोड़ रुपए रहा जो वित्त वर्ष 2019-20 में 5539.34 करोड़ और वित्त वर्ष 2020-21 में 2899.61 करोड़ रुपए हो गया। कैग की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य सरकार के 55 विभागों ने अब तक  कुल 39,629.49 करोड़ रुपए का  हिसाब जमा नहीं कराया है। इन विभागों ने वित्तीय वर्ष 2001-2002 से आज तक 11,719 व्यावहारिक प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किए हैं। सीएजी की रिपोर्ट में राज्य में वित्तीय अराजकता पर प्रकाश डालने के बाद मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को प्रतिक्रिया प्रकट करते हुए कहा कि कैग का कहना है कि राज्य की वित्तीय स्थिति खराब है,परंतु हमने एक लाख बेरोजगारों को रोजगार दिया है। इसलिए वर्तमान सरकार की वित्तीय स्थिति पिछली सरकार की तुलना में बेहतर होनी चाहिए। नहीं तो सरकार एक लाख नौकरियां कैसे दे सकती है? सीएम ने कहा कि मैंने नौकरी दी है, बाढ़ पीड़ितों को राहत दी है। पहले बाढ़ राहत के लिए जहां चार सालों तक इंतजार करना पड़ता था, अब दो-तीन महीने में ही बाढ़ राहत मिलने लगे हैं। लोगों को 2011 और 2017 वर्ष की बाढ़ राहत राशि अभी तक नहीं मिली है, लेकिन हम इसे 3 महीने में दे रहे हैं।  हमने एक लाख बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिया है जो पिछली सरकार नहीं दे पाई। इसलिए वर्तमान सरकार की आर्थिक स्थिति पिछली सरकार की तुलना में बेहतर है।  सीएम ने आगे कहा कि पहले अरुणोदय योजना नहीं थी, हमने इसे शुरू किया। लोग कह सकते हैं कि हमारी हालत दिल्ली, मुंबई से बेहतर नहीं है। लेकिन पिछली सरकारों के जमाने से यह बेहतर है। नहीं तो राज्य में  इतने मेडिकल कॉलेज कैसे हो सकते हैं? डॉ. शर्मा ने कहा कि जब हम आम जनता के पास जाते हैं तो हम देखते हैं कि पहले की तुलना में अधिक पक्की सड़कें बनी हैं। सीएम शर्मा ने टिप्पणी की कि हमारी आर्थिक स्थिति खराब हो सकती है लेकिन हमने लोगों को दुखी नहीं होने दिया है।