गुवाहाटी : महानगर स्थित श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र के प्रेक्षागृह में चार दिवसीय लोकमंथन-2022 के सांस्कृतिक संध्या एवं प्रदर्शनी के उद्घाटन सत्र का आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम का आयोजक प्रज्ञा प्रवाह, सह-आयोजक असम टूरिज्म डिपार्टमेंट कॉर्पोरेशन (एटीडीसी) तथा स्थानीय आयोजक इंटेलेख्अल फोरम फॉर नॉर्थ इस्ट (आईएफएनई) है। इस कार्यक्रम का उद्घाटन असम के उद्योग एवं वाणिज्य, सार्वजनिक उद्यम तथा सांस्कृतिक मामले के मंत्री विमल बोरा ने किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में विमल बोरा, सम्मानीय अतिथि के रूप में मणिपुर के महाराजा एवं राज्यसभा के सदस्य महाराजा लेइसेंबा सानाजाओबा एवं विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, असम क्षेत्र के बौद्धिक प्रमुख श्री तीर्थंक दास उपस्थित थे। इस अवसर पर उपस्थित सभी अतिथियों ने समारोह को संबोधित किया। दूसरी ओर प्रदर्शनी का उद्घाटन नॉर्थ इस्ट ड्रम इंसेंबल (ड्रम कलाकारों की टुकड़ी) की प्रस्तुति एवं श्री त्रिवेणी बुजरबरुवा के दीप मंत्र से हुआ, वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान त्रिवेणी बुजरबरुवा ने धार्मिक गीत प्रस्तुत किया। इसके साथ ही इस अवसर पर उत्तर-पूर्वी राज्यों की नृत्य कला प्रस्तुति भी की गई, जिसमें अरुणाचल प्रदेश का रिखामपद, असम का बिहू नृत्य एवं बरदैसिखला, मणिपुर का पुंग एवं ढोल-ढोलक चोलोम एवं थांग टा, मेघालय का वांगाला, मिजोरम का चेराव, नगालैंड का थुवु शेले फेटा (चाखेसांग चिकेन डांस), सिक्किम का सिंघी छाम तथा त्रिपुरा का हो जिगरी शामिल हैं,वहीं अंत में असम के प्रसिद्ध गायकों नील आकाश एवं मांगका लाइहुइ ने गीत प्रस्तुत किया। उल्लेखनीय है कि प्रदर्शनी में उत्तर-पूर्व भारत के असम एवं मणिपुर के हस्तकरघा उद्योग तथा घरेलू उद्योग की उत्पादित सामग्री के कई स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉलों में पारंपरिक परिधान,पॉलीमर क्ले से हस्त निर्मित गहने, कठपुतली आदि हैं। इसके साथ ही घरेलू उत्पाद की पीठागुड़ी, बेसन, विभिन्न तरह के स्मस, अंचार आदि के भी स्टॉल लगाए गए हैं। वहीं अरुणाचल प्रदेश के घरेलू उद्योग की उत्पिदत सामग्री भी प्रदर्शनी में लगाई गई है।मासूम हो कि प्रज्ञा प्रवाह ने ज्ञान के प्रवाह को प्रवाहित रखने के लिए इस आयोजन को बौद्धिक सत्रों, प्रदर्शनियों, संगीत प्रदर्शनों और बहुत कुछ के साथ समग्र रूप से डिजाइन किया है। मालूम हो कि इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ गुवाहाटी पहुंचेंगे।
चार दिवसीय लोकमंथन-2022 का उद्घाटन