मुंबई: भारतीय प्रतिभूति एवं विनियम बोर्ड (सेबी) की चेयरमैन माधवी पुरी बुच ने कहा कि कारोबार करने का कोई भी ऐसा तरीका जो ‘ब्लैक बॉक्स’ पर आधारित है और जिसका न तो लेखा परीक्षण किया जा सकता है और न ही सत्यापन किया जा सके, उसकी इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि ‘डेटा’ सार्वजनिक अवसंरचना है और इसे अपने अधिकार में लेने का किसी भी निजी इकाई या व्यक्ति का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ‘ब्लैक बॉक्स’ एक उपकरण या प्रणाली है, जो अपने आतंरिक कामकाज के बारे में कोई खुलासा किए बिना उपयोगी जानकारी देता है। इसके निष्कर्षों के लिए कोई स्पष्टीकरण नहीं रहता है। बुच ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट को संबोधित करते हुए कहा कि हम एल्गो ट्रेडिंग के समर्थन में या विरोध में नहीं हैं, बशर्ते पर्याप्त पारदर्शिता और खुलासे हों। कारोबारी मॉडल ‘ब्लैक बॉक्स’ पर आधारित नहीं हो सकते हैं। इसलिए ऐसा कोई भी दावा जिसका लेखा परीक्षण या सत्यापन नहीं हो सके उसकी इजाजत नहीं दी जाएगी। ऐसी खबरें आई थीं कि बाजार नियामक एल्गो ट्रेडिंग के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। वहीं, कुछ ब्रोकरों ने एनएसई के शीर्ष अधिकारियों के साथ मिलीभगत में एल्गो ट्रेडिंग का दुरुपयोग भी किया था। इस महीने की शुरुआत में पूंजी बाजार नियामक सेबी ने निवेशकों को एल्गो ट्रेडिंग से संबंधित सेवाएं देने वाले ब्रोकरों के लिए दिशानिर्देश जारी किए थे। दरअसल, सेबी ने पाया था कि कुछ शेयर ब्रोकर नियमन के दायरे से बाहर मंचों के जरिए एल्गोरिदम आधारित कारोबार की सुविधा निवेशकों को दे रहे हैं।
कारोबार के ऐसे किसी तरीके की इजाजत नहीं दे सकते जिसका सत्यापन न हो सके : सेबी प्रमुख