इटानगरः अरुणाचल प्रदेश राज्य लोक सेवा आयोग (एपीपीएसएससी) द्वारा अगस्त महीने में आयोजित सहायक अभियंता (सिविल) मुख्य परीक्षा के प्रश्न पत्र के कथित तौर पर लीक होने के मामले में राज्य पुलिस ने एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। राजधानी के पुलिस अधीक्षक जिमी चिराम के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश पुलिस ने एक व्यक्ति को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया है। वह ईटानगर में एक कूरियर सेवा में कार्यरत था। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान दिलीप साहा (44) के तौर पर की गई है। आरोपी को एपीपीएससी के परीक्षा नियंत्रक और उप-सचिव ताकेत जेरंग द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर गिरफ्तार किया गया। अधीक्षक ने कहा कि जेरांग ने स्वीकार किया कि उसने साहा की मिलीभगत से प्रश्नपत्र छापने से पहले ही लीक कर दिए थे। साहा ने ही प्रश्नपत्रों को प्रेस तक पहुंचाया था। उक्त व्यक्ति की गिरफ्तारी के साथ, पुलिस ने मामले के संबंध में अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया है। बता दें कि जेरंग के अलावा चार को पुलिस ने पहले गिरफ्तार किया था। इसमें एक कोचिंग संस्थान के शिक्षक अखिलेश यादव, एक बिचौलिया तमा सरोह, परीक्षा के लिए आया एक परीक्षार्थी थॉमस गाडुक और उसके पिता तान्यांग गाडुक शामिल हैं जो सियांग जिले में स्कूल शिक्षा उप निदेशक के कार्यालय में मुख्य सहायक हैं। जांच के दौरान सामने आया कि सीलबंद प्रश्न पत्र की एक प्रति उप-परीक्षा नियंत्रक ने बिचौलिए के माध्यम से परीक्षार्थी को भिजवाई थी। चिराम ने बताया कि परीक्षार्थी ने कथित तौर पर खरीदे गए प्रश्न पत्र को हल करने के लिए शिक्षक से संपर्क किया। वहीं, शिक्षक ने कथित तौर पर एक अन्य छात्र से सवालों का जिक्र किया, जिसने परीक्षा के दो दिन बाद 29 अगस्त को पुलिस को कथित प्रश्न पत्र लीक होने की लिखित शिकायत दर्ज करवाई थी। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद प्रारंभिक जांच की और 10 सितंबर को इसकी रिपोर्ट अधीक्षक कार्यालय को सौंपी गई। इसके बाद मामला दर्ज किया गया। अधीक्षक ने कहा कि जांच के दौरान यह पाया गया कि 2021 में परीक्षार्थी के पिता द्वारा मुख्य परीक्षा के प्रश्न पत्र को खरीदने के मकसद से बिचौलिए को 43 लाख रुपए नकद दिए गए थे। बिचौलिए ने परीक्षा उप-नियंत्रक को 15 लाख रुपए दिए और बाकी अपने पास रख लिए थे। इस राशि का उपयोग दोनों ने संपत्ति खरीदने में किया। चिराम ने बताया कि उक्त मामले की पड़ताल के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। पुलिस ने मामले से संबंधित हार्डवेयर सामग्री और अन्य सामग्री की खरीद के लिए इस्तेमाल दो वाहन, चालान और कैश मेमो जब्त किए हैं। इससे पहले, दो परीक्षार्थियों ने मुख्य परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने का आरोप लगाया और परिणाम की घोषणा पर रोक लगाने के लिए अदालत में याचिका दायर की थी। परीक्षा में सहायक अभियंता के 33 पदों के लिए कुल 415 परीक्षार्थी उपस्थित हुए थे।
अरुणाचल पुलिस ने एक और व्यक्ति को किया गिरफ्तार