मालीगांवः भारतीय रेल ने भारतीय रेलवे ई-प्रोक्योरमेंट सिस्टम (आईआरईपीएस) के माध्यम से वाणिज्यिक आय और गैर-किराया राजस्व (एनएफआर) अनुबंधों को इलेक्ट्रॉनिक नीलामी के दायरे में को लाने के लिए कदम उठाए हैं। माननीय श्री अश्विनी वैष्णव ने जून, 2022 में वाणिज्यिक आय के लिए ई-नीलामी शुरू की थी। इस ई-नीलामी पोर्टल ने रेलवे की कमाई में वृद्धि की है और परिसंपत्तियों के वास्तविक मूल्य की प्राप्ति में मदद की है। वाणिज्यिक परिसंपत्तियों के लिए ई-नीलामी पोर्टल के शुभारंभ के बाद से नीलामी लांच की गई है, जहां 8,500 परिसंपत्तियों को कवर करते हुए 1,200 अनुबंध प्रदान किए गए हैं। प्रदत्त अनुबंधों का कुल मूल्य 844 करोड़ रुपए है। भारतीय रेल के 68 मंडलों में ई-नीलामी आयोजित की गई है। पूसी रेल के अधिकार क्षेत्र के तहत आने वाले पांच मंडलों में भी ई-नीलामी की गयी है। 15 सितंबर, 2022 तक 58 अनुबंध आवंटित किए गए हैं। प्रदत्त अनुबंधों का कुल मूल्य 43 करोड़ रुपए है। पार्सल वैन लीजिंग, पे एंड यूज टॉयलेट, विज्ञापन अधिकार, एसी प्रतीक्षालय, पार्किंग स्थल आदि के विभिन्न अनुबंधों को भारतीय रेलवे ई-प्रोक्योरमेंट सिस्टम के माध्यम से पू. सी. रेल द्वारा सफलतापूर्वक स्थापित किया गया था। नीलामी के लिए पार्सल वैन, पे एंड यूज टॉयलेट, स्टेशन सर्कुलेटिंग एरिया और कोचों पर विज्ञापन अधिकार, एसी वेटिंग रूम, क्लोक रूम, पार्किंग स्थल, प्लास्टिक बॉटल क्रशर, एटीएम, स्टेशन को-ब्रांडिंग, मांग पर सामग्री के लिए वीडियो स्क्रीन आदि शामिल हैं। इन परिसंपत्तियों को एक बार पोर्टल में स्थान-वार खाका बनाया जाएगा, और सिस्टम हमेशा के लिए याद रखेगा कि यह आय के लिए कवर किया गया है या नहीं। इससे रियल टाइम बेसिस पर परिसंपत्तियों की मॉनिटरिंग में सुधार होगा और परिसंपत्ति-निष्कि्रय को कम किया जा सकेगा।
पूसी रेल ने पांच मंडलों में आवंटित किए 58 अनुबंध