गुवाहाटी : मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने बुधवार को डिमा हसाओ जिले के दियुंगबरा के अर्धा क्षेत्र में एकीकृत कौशल विकास केंद्र का औपचारिक उद्घाटन किया। गौरतलब है कि 36.60 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित इस कौशल केंद्र को भारत सरकार,असम सरकार और पूर्व उग्रवादी समूह दीमा हलीम दाओगा (डीएचडी) के दोनों गुटों के बीच समझौते के बाद एक विशेष वित्तीय पैकेज के तहत स्थापित किया गया। उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकासमंत्रालय की ओर से निर्मित एकीकृत कौशल विकास केंद्र पहाड़ी जिले के युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने में  अहम  भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि महान स्वतंत्रता सेनानी वीर संबुधन फोंगलो के प्रति श्रद्धांजलि के रूप में कौशल विकास केंद्र का नाम उनके नाम पर रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत हर मोर्चे पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। ब्रिटिश अर्थव्यवस्था को पीछे छोड़ते हुए विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुकी भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आर्थिक वृद्धि अपेक्षित कौशल वाले लोगों के लिए कई अवसर खोल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अर्थव्यवस्था में कुशल व्यक्तियों की बहुत मांग है और एकीकृत कौशल विकास केंद्रों जैसी पहलों का उद्देश्य असम के रोजगार योग्य युवाओं को अर्थव्यवस्था से मिलने वाले लाभों को सुनिश्चित करना है। उन्होंने उम्मीद की कि डिमा हसाओ जिले में 1,000 मेगावॉट की सौर ऊर्जा परियोजना की स्थापना की जाएगी उसके लिए आवश्यक कौशल विकास केंद्र कुशल कर्मचारियों की आपूर्ति करने में सक्षम होगा। उन्होंने जिले के निवासियों को सभी मानकों पर डिमा हसाओ को सबसे प्रगतिशील क्षेत्रों में से एक में बदलने के लिए सरकार की गंभीरता का आश्वासन दिया। उद्घाटन समारोह में बिजली मंत्री नंदिता गार्लोसा, सांसद हरेन सिंग बे, डिमा हसाओ पहाड़ी स्वायत्त परिषद के प्रमुख देबोलाल गार्लोसा, कार्बी आंग्लांग स्वायत्त परिषद के प्रमुख तुलीराम रंग्हांग और अन्य वरिष्ठ गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।