धुबड़ी : धुबड़ी जिले में बृहस्पतिवार को ब्रह्मपुत्र नदी में 29 यात्रियों को लेकर जा रही एक नाव पलट गई जिसके बाद सात लोग लापता हो गए। एक सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी। जिला उपायुक्त अंबमुथन एमपी ने बताया कि राजस्व चक्राधिकारी संजू दास समेत सात लोग अब भी लापता हैं। उन्होंने बताया कि कुछ स्कूली बच्चों समेत अब तक 22 लोगों को राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और स्थानीय लोगों ने मिलकर बचाया है तथा बचाव अभियान अब भी जारी है जिसमें सीमा सुरक्षा बल भी हाथ बंटा रह है। दुर्घटनास्थल से लौटने के बाद उपायुक्त ने बताया कि शहर से करीब तीन किलोमीटर दूर भाषानीर में यह नाव एक पुल के खंभे से जा टकराई और पलट गई। उन्होंने बताया कि नाव का पता लगा लिया है और समीपवर्ती एक निर्माणधीन पुल के पास से क्रेन की मदद से नाव बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोग अपनी नौकाओं के साथ बचाव कार्य में जुट गए तथा एसडीआरएफ के गोताखोरों को भी लापता लोगों का पता लगाने के कार्य में लगाया गया है। अंबमुथन ने बताया कि बचाए गए लोगों को एक नजदीकी अस्पताल ले जाया गया जहां पांच की हालत गंभीर बताई जा रही है। उन्होंने कहा कि इस बात की अबतक जानकारी नहीं मिल पायी है कि कितने विद्यार्थी नाव पर सवार थे लेकिन उनमें से किसी के लापता होने की खबर नहीं है। एक अधिकारी ने पहले कहा था कि नाव पर कई स्कूली बच्चे भी सवार थे। उपायुक्त ने बताया कि राजस्व चक्राधिकारी संजु दास विभागीय कर्मियों के साथ आमिनेरचर इलाके में भूकटाव का जायजा लेने गए थे। इनके साथ धुबड़ी जिला महिला कांग्रेस की अध्यक्षा बेबी बेगम भी मौजूद थीं। एक यात्रीवाही यंत्रचालित नाव में सवार होकर जब यह टीम पुनः धुबड़ी लौट रही थीं तभी यह हादसा आयरनजंग्ला इलाके में एलएंडटी द्वारा निर्माणाधीन धुबड़ी-फूलबाड़ी पुल स्थल पर हुआ। उनके अनुसार भूमि दस्तावेज अधिकारी और क्षेत्र वृत अधिकारी (फील्ड सर्किल ऑफिसर) को बचा लिया गया लेकन वे इस दुर्घटना के बाद सदमे में हैं। वहीं प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यात्रियों से भरी यह नाव जब आज सुबह करीब दस बजे धुबड़ी की ओर आ रही थी तभी पुल निर्माण हेतु कंपनी द्वारा बनाए गए अस्थाई पिलरों के नदी के नीचले वाले हिस्से से टकरा गई और देखते ही देखते यात्रियों समेत यह नाव 8 सेकेंड में आंखों के सामने नदी में डुब गई। सात से आठ यात्रियों ने जैसे तैसे तैरकर जान बचाई। जबकि कुछ यात्रियों को कंपनी के कर्मियों व स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया। स्थानीय लोगों ने पहले दावा किया था कि करीब 100 यात्री नाव से आ रहे थे और उस पर 10 मोटरसाइकिल भी लदी थीं। उपायुक्त ने कहा कि उन्होंने अब तक पता नहीं है कि नाव पर मोटरसाइकिल थीं लेकिन यदि कोई सुरक्षा चूक हुई है जो जांच करायी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि यह घटना तब घटी जब नाव 50 मीटर से भी कम चौड़े क्षेत्र से गुजर रही थी। इस बीच पुल निर्माण में लगी एक निजी कंपनी के अभियंता को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। अभियंता स्थानीय लोगों को दुर्घटनास्थल तक जाने के लिए पुल का इस्तेमाल करने और लोगों को बचाने में क्रेन का उपयोग करने से कथित रूप से रोक रहा था। धुबड़ी लोकसभा सदस्य बदरूद्दीन अजमल ने इस नाव हादसे दुख प्रकट करते हुए उसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने राज्य सरकार से लापता लोगों के रिश्तेदारों को 10 लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने की अपील की। कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि प्रदेश पार्टी कार्यकारी अध्यक्ष राणा गोस्वामी के नेतृत्व में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल दुर्घटनास्थल पर जाएगा।