दिल्ली विश्वविद्यालय से सम्बद्ध स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज का सघन वन पर्यावरण संरक्षण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सघन वन स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर प्रवीण गर्ग का पर्यावरण संरक्षण को लेकर अनूठा और अहम प्रोजेक्ट है। कॉलेज प्रिंसिपल प्रो।गर्ग का कहना है कि एक एकड़ में फैले सघन वन से कॉलेज के छात्र,कर्मचारी व शिक्षक की नहीं बल्कि आसपास के गांव के लोग भी खुश व प्रभावित है। इसकी सफलता को देखते हुए कॉलेज ऐसा ही सघन वन अन्य एक एकड़ भूमि में लगाने की तैयारी कर रहा है। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व आरएसएस के पूर्व सरकार्यवाह व समाजसेवी सुरेश सोनी व डीयू के डीन ऑफ कॉलेज प्रोफेसर बलराम पाणी  के सानिध्य में स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज में लगभग 1 एकड़ जमीन में 1000 पौधे लगाए गए। सघन वन के नाम से किया गया यह पौधारोपण डीयू के किसी भी कॉलेज में किया गया अपनी तरह का पहला पर्यावरण संरक्षण का उदाहरण है। राहत और खुशी देने वाली बात यह है कि लगभग डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी 1000 लगाए गए पौधों में से 800 से 'यादा पौधे पूर्ण रूप से सुरक्षित है। दिलचस्प तथ्य यह है की ए 1000 पौधे स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज के शिक्षकों और कर्मचारियों ने मात्र 27 मिनट की अवधि में लगाए। कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर प्रवीण गर्ग स्वयं कर्मचारियों के साथ मिलकर सघन वन की देखरेख करते हैं। उनका कहना है कि कोरोना के चलते ऑनलाइन क्लास चल रही थी,ऐसे में कर्मचारियों और शिक्षकों ने इसकी खूब देखभाल की। कॉलेज खुलने के बाद छात्र भी देखभाल में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।  प्रो। गर्ग का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण छात्रों की शिक्षा का अटूट हिस्सा होना चाहिए।  जब हमारे कॉलेज की छात्र छात्राएं इस सघन वन को देखते हैं तो उन्हें भी पर्यावरण के संरक्षण की प्रेरणा मिलती है। प्रोफेसर गर्ग ने बताया कि कॉलेज का एनएसएस विंग आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर गांव वासियों के साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करते हैं। प्रोफेसर गर्ग ने कहा कि करीब 2 वर्ष बाद यह सघन वन कॉलेज के आसपास के पूरे क्षेत्र के लिए एक वरदान साबित होने जा रहा है।