गुवाहाटी : नवरात्र पर राज्यवासी शक्ति की देवी दुर्गेश्वरी की भक्ति में तल्लीन हैं। असम के ऐतिहासिक दुर्गा मंदिरों और पूजा पंडाल के साथ घर व आंगन माता रानी के जयकारों व आरती आदि से गूंज रहे हैं। शुक्रवार को मातारानी के भक्तों ने दुर्गा देवी के  पांचवे रूप स्कंदमाता की श्रद्धा व भक्तिभाव से पूजा अर्चना की। साथ ही आरती कर उनसे आशीष मांगा। आज अधिकांश  पूजा पंडालों में मातारानी की प्रतिमा को विराजमान  किया गया,वही कल शनिवार भी कुछेक पूजा पंडालों में प्रतिमाओं को विराजमान किया जाएगा।  इस मौके पर सभी पूजा पंडालों में दुर्गादेवी के छठें रूप कात्यायनी देवी की पूजा के साथ संध्या के समय बेलवरण पूजा भी होगी। इस मौके पर पूजा पंडालों में भक्तों की भीड़ भी जुटेगी। मालूम हो कि स्कंदमाता की चार भुजाए हैं,दाहिने तरफ के ऊपर वाली भुजा में भगवान  स्कंद  गोद में हैं, दाहिने तरफ की नीचे वाली भुजा में कमलपुष्प है, बाएं तरफ की ऊपर वाली भुजा में वरमुद्रा और नीचेवाली भुजा में भी कमल पुष्प है। आज कामाख्या मंदिर में  पांच  कुंवारी कन्याओं की पूजा की गई । इसके साथ ही आगामी दिनो में भी इसी तरह से तिथि के हिसाब से कन्याओं की पूजा होगी। दूसरी ओर  उग्रतारा देवालय, श्री हनुमान सेवा निधि ट्रस्ट, दिसपुर स्थित जानकी बल्लभ मंदिर , श्री लाचित नगर हनुमान मंदिर के साथ ही अन्य दुर्गा मंदिरों  तथा पूजा पंडालों में भी माता के तीसरे स्वरूप की पूजा की गई।दूसरी ओर मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने शारदीय दुर्गा पूजा के अवसर पर असम के लोगों को शुभकामनाएं भेजी हैं। बधाई संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की प्राचीन सभ्यता और संस्कृति में आध्यात्मिक जीवन ने एक मजबूत भूमिका निभाई है। जीवन की इस आध्यात्मिक भावना ने लोगों को नैतिकता और मूल्यों के आधार पर आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न देवी-देवताओं की पूजा ने हमारी जीवन शैली को समृद्ध किया है और देवी-देवताओं की पूजा हमें मानवता की ओर अपना जीवन जीने की प्रेरणा देती है। प्राचीन काल से असम में भक्ति के साथ देवी दुर्गा की पूजा की जा रही है। इस देवी पूजा ने सभी को प्रेम, भाईचारे और मानवीय भावनाओं से समृद्ध राष्ट्र के निर्माण के लिए प्रेरित किया है। शारदीय दुर्गा पूजा एक सदियों पुराना त्योहार है जो बुरी ताकतों को नष्ट कर सत्य की स्थापना करता है। शरद काल का सुंदर प्राकृतिक वातावरण में आयोजित यह त्यौहार समाज में शांति-सद्भाव के मार्ग को भी मजबूत करता है। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि शारदीय दुर्गा पूजा हमारे बीच शांति, सद्भाव, प्रेम और भाईचारे के बंधन को और मजबूत करने तथा सबको मिलकर काम करने के लिए प्रेरित करेगी।