गुवाहाटी : मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने आज रविवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर  उनको भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने   गुवाहाटी के शरणिया पहाड़ पर स्थित गांधी मंडप पर आज रविवार को आयोजित एक कार्यक्रम में बापू की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और सर्वधर्म प्रार्थना में भाग लिया। आज कामरूप महानगर प्रशासन और गुवाहाटी महानगर विकास प्राधिकरण की ओर से गांधी जयंती समारोह का आयोजन किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी जयंती पर विश्व आज अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस मना रहा है, जिसका उद्देश्य गांधी की नीतियों से प्रेरित होकर विश्व में शांति, सद्भाव, एकता,भाईचारा और उनके आदर्श को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री ने देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की आज जयंती पर में उन्हें भी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि महात्मा गांधी ने बहुत ही विनम्र जीवन जिया और देश की सदियों पुरानी सभ्यता के आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों के आदर्श का मार्गदर्शन किया। गांधीजी कैसे एक स्वस्थ और अनुशासित जीवन जीते थे, वे चार बार असम आए। अपने चौथे असम दौरे के दौरान 1946 में शरणिया पहाड़  पर भी आए थे। यात्रा के ऐतिहासिक महत्व की व्याख्या करते हुए मुख्यमंत्री ने उस यात्रा के दौरान गांधीजी  कस्तूरबा गांधी राष्ट्रीय स्मारक न्यास के असम अध्याय और उसकी शाखा के तहत शुरू होने वाले ग्राम सेविका विद्यालय का शुभारंभ किया था। गांधीजी की ओर से उद्घाटन  की गई यह शाखा पूरे देश में इकलौती शाखा थी। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने इसे गांधीवादी नेत्री दिवंगत अमल प्रभा दास को शाखा चलाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। डॉ. शर्मा ने कहा कि शरणीया पहाड़ी को अमल प्रभा दास के पिता डॉ. हरेकृृष्ण दास और उनके परिवार ने ग्राम सेविका विद्यालय और अन्य गतिविधियों के लिए दान में दिया था। उन्होंने आगे कहा कि इसी पहाड़ी पर डॉ हरेकृृष्ण दास, गोपीनाथ बरदलै और डॉ. भुवनेश्वर बरुवा ने मिलकर झोपड़ी बनाने का काम किया। डॉ. शर्मा ने कहा कि गांधी जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए गुवाहाटी स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत कल से गांधी मंडप में लाइट एंड साउंड शो का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि गांधी मंडप का यह शो असम के पहला होलोग्राफिक लाइट एंड साउंड शो है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रह्मपुत्र को केंद्र बनाकर प्रदर्शित होने वाला यह शो असम के गौरवशाली इतिहास के कई महत्वपूर्ण अध्यायों पर प्रकाश डालता है। इस शो में भगदत्त, सुकाफा के आगमन और उसके बाद के इतिहास में महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव का योगदान, लचित बरफुकन की वीरता, मनिराम देवान का बलिदान, स्वतंत्रता आंदोलन में असम की भूमिका को चित्रित करने का एक प्रयास है। उन्होंने यह भी कहा कि यह शो निश्चित रूप से स्वतंत्रता आंदोलन में असम की भूमिका को उजागर करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्होंने आगे कहा कि असम सरकार ने शरणिया पहाड़ पर गांधी मंडप को एक आकर्षक पर्यटन स्थल बनाने के लिए कदम उठाने के साथ असम के गौरव के एक प्रतीक के रूप में सामने लाने का प्रयास किया  है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुवाहाटी स्मार्ट सिटी लिमिटेड (जीएससीएल) और लोक निर्माण (गृह) विभाग की पहल के तहत गांधी मंडप के संग्रहालय का पुनर्निर्माण करने के अलावा इसे और अधिक जानकारीपूर्ण बनाया गया है। उन्होंने कहा कि जीएससीएल ने इन परियोजनाओं के दूसरे चरण के तहत कई अन्य परियोजनाएं चला रही हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में व्यू प्वाइंट और पार्किंग आदि सहित आगंतुकों के लिए व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जीएससीएल के तहत गीता मंदिर का विकास शुरू हो गया और एक साल के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने जीएससीएल के तहत शहर के लिए 100 सीएनजी बसों और 200 इलेक्टि्रक बसों की खरीदने की व्यवस्था की है। इसके अलावा, ब्रह्मपुत्र रिवर फ्रंट के विकास के लिए निविदाएं आमंत्रित की जा रही है।