नई दिल्लीः रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को विजयदशमी के अवसर पर उत्तराखंड के औली में सैन्य अड्डे पर शस्त्र पूजा की। रक्षामंत्री ने इस अवसर पर सैनिकों को संबोधित भी किया। उन्होंने जून 2020 में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ झड़पों के दौरान भारतीय सेना के जवानों के अद्वितीय शौर्य और साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत पूरी दुनिया एक परिवार है के सिद्धांत में विश्वास करता है, लेकिन अगर कोई बाहरी ताकत इस पर बुरी नजर डालती है, तो भारत उसे करारा जवाब देता है। इस अवसर पर थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज पांडे और सूर्य कमान के जनरल-ऑफिसर-कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी मौजूद थे। रक्षा मंत्री ने कहा कि ऐसी बहादुरी के कारण पूरी दुनिया ने भारत के बढ़ते कद को स्वीकार किया और भारत अंतर्राष्ट्रीय महत्व के सभी मुद्दों पर प्रमुख निर्णय निर्माताओं में से एक के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अब भारत को पूरे सम्मान के साथ सुना जाता है। राजनाथ सिंह पिछले कई वर्षों से शस्त्र पूजा कर रहे हैं, जिसमें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की पिछली सरकार में केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में उनका कार्यकाल भी शामिल है। उन्होंने कहा कि पुरुष और महिला सैनिकों के साथ बातचीत करना हमेशा से ही प्रेरणा का स्रोत रहा है और यह इस बात की पुष्टि करता है कि पूरे देश को अपने सैनिकों की क्षमताओं पर गर्व और विश्वास है। रक्षामंत्री ने देश को बाहरी खतरों से बचाने में सशस्त्र बलों की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इस सुरक्षित वातावरण ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को आर्थिक विकास हासिल करने और प्रगति की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने में सक्षम बनाया है। सिंह ने शस्त्र पूजा के महत्व के बारे में भी बताया और भारतीय संस्कृति की परंपराओं और विशिष्टता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति सभी चीजों की एकता पर जोर देती है। इस अवसर पर सैनिकों ने देशभक्ति के गीत भी गाए।
भारत के खिलाफ बुरी नजर रखने वालों को मिलेगा करारा जवाब : राजनाथ