रोशनी तो सभी को प्यारी होती है, लेकिन कभी अंधेरे से सामना हो तो हिचकिचाना नहीं चाहिए। देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के इस वाक्य को रायपुर पूरा करते नजर आ रहा था। मंदिर से लेकर मॉल, होटल सभी जगह शाम टलने के बाद एक घंटे तक बिजली बंद रही। स्वप्रेरणा से किए गए इस पावर सेविंग कैंपेन के जरिए ‘सेव अर्थ’ का संदेश दिया गया। वल्र्ड अर्थ ऑवर डे के मौके पर हुए इस विशेष आयोजन में बिन बिजली का एक खास नजारा नजर आया। अपनी पृथ्वी के संरक्षण के लिए कल की चिंता पर ध्यान केंद्रित कराने वाले इस अभियान से शहर के लोग भी जुड़ते हुए नजर आए। कहते हैं भगवान राम सभी का ध्यान रखते थे, एक छोटे से जीव से लेकर मनुष्य तक सभी उनके राज में सुखी थे। ऐसा ही कुछ नजारा राम मंदिर का दिखाई दिखा। सेव अर्थ ऑवर का संदेश देते हुए जीव-जंतुओं की रक्षा के लिए करीब 1 घंटे मंदिर की सभी लाइट बंद कर दी गई। मंदिर के प्रमुख ट्रस्टी बृजलाल गोयल ने बताया कि यह मंदिर के माध्यम से लोगों में सेव अर्थ ऑवर का संदेश देने की कोशिश है। मैग्नेटो द मॉल में साढ़े आठ बजे से साढ़े नौ बजे रात तक एक घंटे के लिए बंद कर ‘वल्र्ड अर्थ आवर डे’ मनाया गया। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए जीव-जंतुओं को बचाने और बिजली का महत्व समझाने का प्रयास इस दौरान किया गया। मॉल में आने वाले लोगों ने भी इस अभियान में अपनी भागिदारी निभाई। शहर में सेव अर्थ ऑवर पहल का स्वागत करते हुए होटल सेलिब्रेशन में ग्राहकों के लिए कैंडल लाइट डिनर की व्यवस्था की गई। इस अनोखी पहल का लोगों ने भी स्वागत किया। लैंडल लाइट और बिना एयर कंडिशन के लोगों ने जमकर खाने के स्वाद का लुफ्त उठाया। अर्थ आवर डे हर साल मार्च के आखिरी शनिवार को मनाया जाता है। दुनियाभर में बिजली बचाने के मकसद से हर साल यह दिवस मनाया जाता है।