नई दिल्ली: केनरा बैंक ने सभी अवधि के लिए अपने एमसीएलआर रेट और आरएलएलआर रेट में 15 बेसिस प्वाइंट का इजाफा कर दिया है। रेट्स के बढऩे से लोन लेना महंगा पड़ेगा। ग्राहकों पर ईएमआई का पहले से ज्यादा बोझ बढ़ेगा। बता दें कि केनरा बैंक ने यह फैसला आरबीआई द्वारा रेपो रेट में 50 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी के बाद लिया है। रेपो रेट में इजाफे के बाद अब यह रेट 5.9 फीसद हो गया है। बैंक से मिली जानकारी के अनुसार ब्याज दरों में यह बदलाव आज यानी 7 अक्तूबर से लागू हो  गया है। एमसीएलआर रेट में 15 बेसिस प्वाइंट के इजाफे के बाद अब केनरा बैंक का 1 महीने के लिए एमसीएलआर रेट 7.05 फीसद, 3 महीने का एमसीएलआर रेट 7.40 फीसद और 6 महीने का एमसीएलआर रेट 7.65 फीसद हो गया है। जबकि 1 साल के लिए केनरा बैंक का एमसीएलआर रेट 1 बेसिस प्वाइंट बढक़र 7.90 फीसद हो गया है। जब आप किसी बैंक से कर्ज लेते हैं तो बैंक द्वारा लिए जाने वाले ब्याज की न्यूनतम दर को आधार दर कहा जाता है। आधार दर से कम दर पर बैंक किसी को लोन नहीं दे सकता। इसी आधार दर की जगह पर अब बैंक एमसीएलआर का इस्तेमाल कर रहे हैं। एमसीएलआर रेट और रेपो रेट का एक दूसरे से लिंक्ड रहने के कारण रेपो रेट बढऩे से एमसीएलआर रेट पर भी प्रभाव पड़ता है।