दुबई/जकार्ता : रूस के प्रेसिडेंट व्लादिमिर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्दोमिर जेलेंस्की अगले महीने जी 20 समिट के दौरान एक मंच पर होंगे। यह समिट इंडोनेशिया के बाली में 15 और 16 नवंबर को होगी। फरवरी में रूस-यूक्रेन जंग शुरू होने के बाद यह पहला मौका होगा जब दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्ष एक साथ और एक मंच पर होंगे। अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन भी जी 20 की बाली समिट में शिरकत करेंगे। माना जा रहा है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी यहां पहुंचेंगे। इसकी संभावना इसलिए भी है, क्योंकि अगली त्र20 समिट 2023 में भारत में ही होनी है। यूएई की वेबसाइट ‘द नेशनल’ ने शुक्रवार को स्पेशल रिपोर्ट पब्लिश की। इसमें यूएई में इंडोनेशियाई एम्बेसेडर हुसैन बागीस के हवाले से बताया गया है कि पुतिन और जेलेंस्की त्र20 समिट में शिरकत करेंगे। हुसैन से पूछा गया कि क्या समिट में रूस और यूक्रेन के राष्ट्रपति भी आएंगे? इस पर उनका जवाब था- हां, ये दोनों ही नेता बाली आने के लिए तैयार हैं। वेबसाइट ने इस बारे में रूस और यूक्रेन दोनों के विदेश विभाग से भी संपर्क किया, लेकिन वहां से फिलहाल कोई जवाब नहीं दिया गया। व्हाइट हाउस ने कुछ दिन पहले ही कहा था कि अगर पुतिन त्र20 में आते हैं तो जेलेंस्की को भी बुलाया जाना चाहिए। अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भी गुरुवार को कहा था कि अगर पुतिन जी 20 समिट में आते हैं तो उनसे मुलाकात जरूर करेंगे। हुसैन के मुताबिक- पुतिन और बाइडेन की मुलाकात के लिए खास तैयारियां की जा रही हैं। हुसैन ने आगे कहा- हम पुतिन और जेलेंस्की के लिए अलग-अलग होटल्स का इंतजाम कर रहे हैं। इंडोनेशिया बाकी देशों से अलग है। इस मुल्क में सारी चीजें से अमन और शांति से पूरी की जाती हैं। इस समिट में दो गेस्ट नेशन्स हैं। ये हैं यूएई और यूक्रेन। दोनों ही जी 20 का हिस्सा नहीं हैं। हुसैन ने कहा- इन दोनों देशों से हमारे करीबी रिश्ते हैं। लिहाजा, हमने उन्हें समिट में शामिल होने का न्योता दिया है। एक सवाल के जवाब में हुसैन ने कहा- इस त्र20 समिट का अगर कोई सबसे बड़ा एजेंडा है तो वो पीस यानी अमन-शांति है। इसके अलावा हम हेल्थ, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और एनर्जी पर भी फोकस करेंगे। हम टकराव नहीं, अमन चाहते हैं। रूस और यूक्रेन की जंग 24 फरवरी को शुरू हुई थी और अब तक जारी है। पिछले हफ्ते रूस ने यूक्रेन के चार राज्यों पर रेफरेंडम के नाम पर कब्जा कर लिया था।