हिन्दू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए करवा चौथ व्रत बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। जी हां, और पंचांग के अनुसार, यह व्रत प्रति वर्ष कार्तिक मास कृृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। आपको बता दें कि इस साल करवा चौथ व्रत 13 अक्तूबर को रखा जाएगा। जी दरअसल 13 अक्तूबर को दोपहर 1 बजकर 59 मिनट से शुरू हो जाएगी जो अगले दिन 14 अक्तूबर को दोपहर 3 बजकर 08 तक रहेगी। जी हां और इसे देखते हुए उदया तिथि 13 अक्तूबर पड़ रही है। इसलिए करवा चौथ व्रत भी 13 अक्तूबर को रखा जाएगा। अब हम आपको बताते हैं करवा चौथ की कथा।

करवा चौथ की पौराणिक कथा : धार्मिक कथाओं के मुताबिक,  जब पांडवों के जीवन पर संकट के काले बादल मंडरा रहे थे तब भगवान कृृष्ण ने द्रौपदी को करवा चौथ व्रत रखने की सलाह दी थी। इसके बाद द्रौपदी ने पूरे नियम के साथ करवा चौथ की पूजा की। इस व्रत के प्रभाव से पांडवों के जीवन पर से सभी संकट दूर हो गया था। एक अन्य कथा यह है कि एक बार देवताओं और असुरों के बीच भीषण संग्राम शुरू हो गया था। युद्ध में सभी देवताओं को संकट में देख उनकी पत्नियां विचलित होने लगीं। इसके बाद वो सभी भगवान ब्रह्मा के पास पहुंचे और उनसे गुहार लगाई। तब ब्रह्मा जी ने पत्नियों को करवा चौथ व्रत रखने को कहा। सभी ने कार्तिक माह के कृृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का व्रत किया। करवा माता ने देवताओं के प्राणों की रक्षा की और वह युद्ध में विजय हुए। इसके बाद से ही करवा चौथ का व्रत रखा जाने लगा।