पर्यावरण भारती द्वारा विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर दक्षिण बिहार के जमुई जिला अन्तर्गत खैरा प्रखंड के मरकट्टा गांव स्थित मणिदीप ऐकेडमी स्कूल परिसर में फलदार वृक्ष बेल के 2 पौधे सहित दर्जनों पेड़ लगाए गए। पौधारोपण का नेतृत्व पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के जिला संयोजक अधिवक्ता अभिषेक राज गोलू ने किया। पर्यावरण भारती के संस्थापक, पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के प्रांत संयोजक एवं अखिल भारतीय पेड़ उपक्रम टोली सदस्य राम बिलास शान्डिल्य ने बताया कि 1990 में 10 अक्टूबर को डब्लू एच ओ ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस घोषित किए। मानसिक तनाव ही आत्महत्या का मुख्य कारण है। मानव अपना तनाव कम करने के लिए पेड़ पौधों के निकट रहें। वर्तमान चकाचौंध में हम लोग पेड़ पौधों या प्रकृति से दूर होते जा रहे हैं। कोरोना वायरस 2019 से दुनियाभर में 7 लाख 3 हजार लोगों ने मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या किये। संसार के पर्यावरण विद ने शोध किया है कि मानसिक तनाव कम करने लिए वृक्षारोपण अभियान चलाना आवश्यक है। 5 वर्षों तक पेड़ पौधों की सुरक्षा करें। मानसिक रोगी प्रति दिन योग एवं व्यायाम करें। नशा से दूर रहें। अच्छी नींद लें। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर पौधारोपण मानव के लिए हितकारी है। सरस्वती अर्जुन एकलव्य कालेज के अवकाश प्राप्त प्रो राम जीवन साहू ने कहा कि मानव को नि:शुल्क प्राकृतिक ऑक्सीजन 100 प्रतिशत पीपल वृक्ष से प्राप्त होता है। हर लोगों को पीपल सहित अन्य पेड़ लगाना चाहिए। मणिदीप ऐकेडमी के प्रभारी प्रधानाध्यापक बी अभिषेक ने कहा कि मानसिक तनाव कम करने में हरे भरे वृक्ष लाभप्रद है। हरियाली से ही मानसिक रोगी स्वास्थ्य होंगे। पर्यावरण भारती के पौधारोपण कार्यक्रम में अधिवक्ता अभिषेक राज गोलू, प्रो राम जीवन साहू, अभिषेक कुमार सिन्हा, विकास कुमार, रवीश कुमार, मनोहर कुमार आर्य, संजय कुमार आर्य, सुबोध कुमार साह, अनुराग, गोपाल, मधुसूदन, फकीरा साह, उमाशंकर सिंह, संजय सिंह, नरेश सिंह आदि ने भाग लिए।
मानसिक तनाव कम करने लिए पौधारोपण जरुरी