गुवाहाटीः असम के मुख्यमंत्री डा.हिमंत विश्वशर्मा देश के ऊर्जावान मुख्यमंत्रियों में एक हैं और उनके ऊर्जावन नेतृत्व से असम का ढांचागत विकास  हो रहा है। खानापाड़ा स्थित स्टाफ कालेज में राष्ट्रपति के सम्मान में आयोजित सांस्कृृतिक कार्यक्रम के संबोधन के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि राज्यपाल प्रो.जगदीशमुखी के अनुभव और ऊर्जावान मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा के नेतृत्व में असम अपने स्वर्णिम भविष्य के लिएं काफी तेजी से काम कर रहा है। मैं असम के बहुमुखी विकास के  लिए उन्हें बधाई देती हूं। राष्ट्रपति ने कहा कि असम के संपूर्ण विकास भारत के विकास के मद्देनजर बेहद जरूरी है। असम में तेजी से ढंाचागत विकास, अत्याधुनिक सुविधा और व्यापक स्तर पर हो रहे कार्यों से लोगों के जीवन स्तर को सुगम बनाया जा रहा है, वहीं असम में उद्यमियों के विकास को भी नई गति दी जा रही है। उन्होंने केंद्र सरकार की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार असम समेत पूर्वोत्तर के विकास को विशेष रूप से प्राथमिकताओं के साथ आगे बढ़ाने में लगी हुई है। इस क्षेत्र को दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ जोड़ने तथा पूर्वोत्तर के लोगों को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। राष्ट्रपति ने श्रीमंत शंकर देव, माधव देव, गोपीनाथ बरदलै, भूपेन हजारिका, ज्योति प्रसाद अग्रवाला और विष्णु प्रसाद राभा के योगदानों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय संस्कृृति और अध्यात्म को आगे बढ़ाने के साथ ही लोगों को एक सूत्र में जोड़ने  के काम किए। उन्होंने कहा कि असम सहित पूर्वोत्तर के सभी राज्य भौगोलिक, सामाजिकता, सांस्कृृतिक विभिन्नताओं के इंद्रधनुष जैसे दिखते हंै। राष्ट्रपति ने कहा कि आज उन्होंने आठ परियोजनाओं का उद्धाटन तथा शिलान्यास किया और खुशी की बात है कि कल चाय जनगोष्ठी के कल्याण के लिए एक सौ मॉडल उच्चतर विद्यालय का शिलान्यास करने जा रही हूं। उन्होंने काजीरंगा और मानस राष्ट्रीय उद्यान का उल्लेखकरते हुए कहा कि असम के पर्यटन क्षेत्र में अपार संभावनाएं बरकरार हैं। सरकार इस क्षेत्र में काफी काम कर रही है और उससे निकट भविष्य में रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।