डिब्रूगढ़ : डिब्रूगढ़ में भूकटाव की रोकथाम के कार्यों का जायजा लेने के लिए आज रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा डिब्रूगढ़ पहुंचे।  उन्होंने डिब्रूगढ़ शहर से 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित नागघुली अंचल में हो रहे भूकटाव क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से जारी भूकटाव की रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्यो की जानकारी ली। साथ ही भूकटाव की रोकथाम के कार्यों को और अग्रगति करने का निर्देश दिया। इस मौके पर केंद्रीय पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, श्रम व बेरोजगार राज्य मंत्री रामेश्वर तेली,जल संसाधन मंत्री पीयूष हजारिका, उद्योग मंत्री बिमल बोरा के साथ कई वरिष्ठ नेता व जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने पूर्वांचल प्रहरी के इस संवाददाता को बताया कि स्थिति गंभीर है। भूकटाव ज्यादा हो रहा है। बचाव के लिए प्रयास किए जा रहे है और प्रयास किए जाएंगे। नया बांध बनाया जाएगा,यह जो बांध है वह अस्थायी बांध है। जिन लोगों का घर और खेत नदी में समाहित हो गया, उन्हें क्षतिपूर्ति सरकार की तरफ से  दी जाएगी। मालूम हो कि अरुणाचल प्रदेश व ऊपरी असम के कई भागों में पिछले कई दिनों से हो रही भीषण बारिश के कारण ब्रह्मपुत्र नदी की जलधाराओं में हुई बेतहाशा वृद्धि के कारण डिब्रूगढ़ शहर के समीपवर्तीय नागघुली अंचल में हो रही भूकटाव ने डिब्रूगढ़ शहर के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है। मालूम हो कि डिब्रूगढ़ शहर के अस्तित्व के लिए उत्पन्न खतरा अभी टाला नहीं है। ब्रह्मपुत्र नदी की उफनती तेज जलधाराएं लगातार भूकटाव कर डिब्रूगढ़ शहर को लीलने को ललायित दिखायी दे रही है। जल संसाधन विभाग की तरफ से भूकटाव को रोकने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। युद्ध स्तर पर कार्य चल रहा है। जिओ बैग व पार्कोंपाइन के साथ ही कार्य को तेजी से करने के लिए बृहद मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन ब्रह्मपुत्र नदी की जलधाराओं द्वारा की जा रही भूकटाव की समस्या के समक्ष सभी बचाव के कार्य बौने नजर आ रहे हैं।