लंदन :  व्लादिमिर पुतिन ने फिनलैंड और नॉर्वे बॉर्डर पर 11 न्यूक्लियर बॉम्बर्स तैनात कर दिए हैं। ब्रिटिश अखबार ‘द मिरर’ ने सैटेलाइट इमेजेस के आधार पर यह दावा किया है। अमरीका और यूरोपीय देशों का आरोप है कि पुतिन के मिलिट्री जनरल पश्चिमी देशों और खासतौर पर यूरोपीय देशों पर एटमी हमले की साजिश रच रहे हैं। यूरोपीय देशों का दावा इसलिए भी अहम हो जाता है क्योंकि पुतिन और रूसी रक्षा मंत्री इशारों में कह चुके हैं कि रूस अपनी  हिफाजत के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक पुतिन के आदेश पर रूस के ओलेनाया एयरबेस पर 12 भ्ह्व-160 न्यूक्लियर बॉम्बर्स तैनात किए जा चुके हैं। इनकी संख्या 11 है। इसके अलावा 4 भ्ह्व-95 कोला एयरबेस पर तैनात किए गए हैं। नॉर्वे की फैक्ट चेकिंग वेबसाइट स्नड्डद्मह्लद्बह्यद्म.ठ्ठश ने भी इसकी पुष्टि की है। दो हफ्ते पहले इजराइल के अखबार ‘यरूशलम पोस्ट’ ने भी कहा था कि ओलेनाया एयरबेस पर बड़ी हलचल देखी जा रही है। बाद में इजराइल की इंटेलिजेंस एजेंसी ‘इमेज सेट’ ने भी इस बात की पुष्टि कर दी थी। यूरोप पर एटमी हमले की आशंका इसलिए भी बढ़ रही है, क्योंकि रूस के न्यूक्लियर बॉम्बर्स अमूमन मॉस्को से 450 किलोमीटर दूर एंगल्स एयरबेस पर तैनात रहते हैं। अब इन्हें वहां से हटाकर फिनलैंड और नॉर्वे के बॉर्डर पर लाया गया है। फिलहाल, यह साफ नहीं हो पाया है कि इन न्यूक्लियर बॉम्बर्स पर पारंपरिक हथियार लगाए गए हैं या पारंपरिक। इसकी वजह यह है कि इनका इस्तेमाल दोनों तरह के हथियारों के लिए किया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक 12 अगस्त तक ओलेनाया एयरबेस पर कोई न्यूक्लियर बॉम्बर नहीं था। अब इनकी संख्या 12 हो चुकी है। इसी साल फरवरी में रूस के दो फाइटर जेट्स को ब्रिटेन की रॉयल एयरफोर्स ने स्कॉटलैंड के एयरस्पेस में घेर लिया था। इसके बाद दोनों देशों में तनाव बढ़ गया था। ब्रिटिश इंटेलिजेंस की रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन और मॉस्को के एयरस्पेस पर बहुत पैनी नजर रखी जा रही है। ब्रिटिश आर्मी और खासतौर पर एयरफोर्स कुछ प्राईवेट फर्म से भी डाटा जुटा रही है।