कोरोना संक्रमण एक बार फिर बढ़ सकता है। खासकर, त्योहारी सीजन में ओमिक्रॉन के नए वेरिएंट बीए.5.1.7 और बीएफ.7 के कारण नई लहर आने की आशंका है। विशेषज्ञों का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से कोरोना से बचाव के तमाम उपाय अपनाने की अपील की है। हाल ही में गुजरात बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर ने बीएफ.7 की पुष्टि की है, जो भारत में पहला मामला है। यह पहले चीन में पाया गया था और अब संयुक्त राज्य अमेरिका, यूके, ऑस्ट्रेलिया और बेल्जियम तक पहुंच गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने हाल ही में कहा है कि ओमिक्रॉन की वंशावली को देखते हुए निगरानी करने की आवश्यकता हो सकती है। डब्ल्यूएचओ ने वैश्विक स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों को संकेत देने के लिए अपने वेरिएंट ट्रैकिंग सिस्टम में एक नई श्रेणी जोड़ी है, जिसे ओमिक्रॉन सबवेरिएंट्स अंडर मॉनिटरिंग कहा जाता है। इस श्रेणी का मुख्य उद्देश्य यह जांचना है कि क्या ये वंश अन्य संक्रामक बीमारियों की तुलना में वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए ज्यादा खतरा पैदा कर सकते हैं। कोविड विशेषज्ञ डॉ. राजीव जयदेवन का कहना है कि ओमिक्रॉन नवंबर 2021 में आया था। यह एक शाखा की तरह काम कर रहा है। इसके कई उप स्वरूप सामने आ चुके हैं। इनमें से बीए.2 और बीए.5 ज्यादा हावी हुए। बीए.5.1.7 और बीएफ.7 लोगों के लिए खतरा हो सकते हैं, इसलिए सतर्क रहने की आवश्यकता है। दिवाली के आसपास बाजारों में उमडऩे वाली भीड़ नए वायरस का प्रसार कर सकती है।