नई दिल्ली : एक तरफ भारत देश के हर शहर में 5जी सेवा शुरू करने की तैयारी कर रहा है, वहीं दूसरी ओर विदेशी कंपनियां देश के स्पेस से जुड़े कारोबार में दिलचस्पी दिखाने लगी हैं। एलन मस्क के स्वामित्व वाली स्पेसएक्स ने अपने स्टारलिंक ब्रांड के तहत भारत में स्पेस -से- ब्रॉडबैंड सेवाओं को लॉन्च करने की कवायद के तहत उपग्रह सेवाओं (जीएमपीसीएस) के लाइसेंस के लिए दूरसंचार विभाग (डीओटी) को आवेदन दिया है। इस बारे में जानकारी रखने वाले एक अधिकारिक सूत्र ने मीडिया को बताया है कि स्पेसएक्स ने आवेदन दिया है अब सरकार के संबंधित विभाग को नियमों के तहत इस पर फैसला लेना है। अधिकारी ने कहा कि वैश्विक कंपनियां अब भारतीय अंतरिक्ष में दिलचस्पी दिखा रही हैं, स्पेसएक्स उनमें से एक है। भारती समूह समर्थित वनवेब और रिलायंस जियो इन्फोकॉम की उपग्रह इकाई ने पहले ही लाइसेंस हासिल कर लिया है। स्पेसएक्स लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाली तीसरी कंपनी है। स्पेसएक्स अंतरिक्ष में लॉन्चिंग सेवा प्रदान करने वाली दुनिया की अग्रणी कंपनी है और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) तक अंतरिक्ष यात्रियों को पहुंचाने वाली पहली निजी कंपनी है। यह एकमात्र कंपनी है जिसने अंतरिक्ष के सभी मानव अभियानों के क्रू को ऑर्बिट में सफलतापूर्वक पहुंचाया है। स्पेसएक्स अपने स्टारलिंक तारामंडल के साथ विश्वस्तर पर इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान करता है। अधिकारी के अनुसार लाइसेंस मिलने के बाद स्पेसएक्स को अंतरिक्ष विभाग से मंजूरी लेनी होगी और उसके बाद सेवाओं की पेशकश के लिए स्पेक्ट्रम आवंटित करना होगा। इसके साथ ही स्पेसएक्स को भारत में एक अर्थ स्टेशन स्थापित करना होगा। कंपनी को भारत में अपनी वैश्विक उपग्रह बैंडविड्थ क्षमता को भी तैनात करने की आवश्यकता होगी। कंपनी को इसके लिए  मंजूरी भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र से लेनी होगी, जो अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी पूंजी को आकर्षित करने के लिए बनाई गई एक अनिवार्य केंद्रीय नियामक निकाय है। वैश्विक कंपनियों की ओर से भारतीय अंतरिक्ष में रुचि दिखाने के बाद भारत के अपेक्षाकृत नए अंतरिक्ष-से-ब्रॉडबैंड सेवा कारोबार में प्रतिस्पर्धा तेज होने लगी है। भारत में इस कारोबार मार्केट वैल्यू वर्ष 2025 तक 13 बिलियन अमरीकी डॉलर पर पहुंच सकती है। टाटा समूह के नेल्को, जीओ के वन वेब, कनाडा के टेलीसेट के अलावे अमेजॉन भी भारत में सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सेवा शुरू करने की संभावनाओं को तलाश रहा है।