जोधपुर : फ्रांस के वायुसेना प्रमुख स्टीफन माइल ने भारत का सुखोई फाइटर जेट उड़ाया, वहीं भारतीय वायुसेना के चीफ वीआर चौधरी ने राफेल में उड़ान भरी। इसके साथ ही युद्धाभ्यास के दौरान स्वेदेशी फाइटर जेट तेजस ने भी अपना कौशल दिखाया। पाकिस्तान बॉर्डर के नजदीक स्थित जोधपुर एयरबेस पर इन दिनों दुनियाभर के देशों की निगाहें टिकी हुई हैं। यहां के आसमान में गूंजती राफेल, सुखोई और तेजस जैसे एडवांस्ड फाइटर की आवाजें दुश्मनों को डराने के लिए काफी हैं। दरअसल, इन दिनों यहां इंडिया और फ्रांस की एयरफोर्स के बीच गरुड़-7 युद्धाभ्यास किया जा रहा है। करीब दस दिन से जारी इस एक्सरसाइज में आज दोनों देशों के एयर चीफ ने भी फाइटर जेट्स में करीब एक घंटे तक उड़ान भरी। इस एक्सरसाइज में हवा में फ्यूल से भरने से लेकर वेपन सिस्टम के नए सिरे से यूज करने की प्रैक्टिस की गई। मंगलवार को एक साथ 10 फाइटर जेट और एक ट्रांसपोर्टर एयरक्राफ्ट ने बेस से उड़ान भरी। यह फाइटर जेट हवा में प्रैक्टिस करते रहे, वहीं ट्रांसपोर्टर एयरक्राफ्ट ने हवा में विमानों में फ्यूल भरने की प्रैक्टिस की। मंगलवार को सुबह 11 बजकर 20 मिनट पर जोधपुर एयरबेस से राफेल, सुखोई और तेजस फाइटर जेट ने उड़ान भरी। खास बात ये भी रही कि इस युद्धाभ्यास में भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने राफेल और फ्रांसीसी एयरफोर्स फ्रेंच आर्मी डे एयर के चीफ जनरल स्टीफन ने सुखोई में को-पायलट के तौर पर उड़ान भरी। ये दूसरा मौका है जब जोधपुर एयरबेस पर गरुड़ युद्धाभ्यास के दौरान दोनों देशों के चीफ ने एक-दूसरे के फाइटर उड़ाए। इससे पहले साल 2014 में गरुड़ के 5वें संस्करण के दौरान भारतीय वायुसेना के तत्कालीन चीफ अरूप राहा और फ्रांसीसी चीफ डेनिस मेर्सियर ने उड़ान भरी थी। दोनों देशों की एयरफोर्स के बीच गरुड़ सीरिज के पहले छह युद्धाभ्यास हो चुके हैं, उनमें से तीन भारत में और तीन फ्रांस में हुए हैं। वर्ष 2014 में जोधपुर में यह युद्धाभ्यास हो चुका है। इस युद्धाभ्यास के बाद ही भारत के राफेल खरीदने के सौदे ने तेजी पकड़ी थी और आज राफेल इंडियन एयरफोर्स का हिस्सा बन चुका है।