गुवाहाटी : केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के अपने तीन दिवसीय समीक्षा कार्यक्रम के लिए बुधवार सुबह गुवाहाटी स्थित बोरझार हवाईअड्डे पहुंचे। केंद्रीय मंत्री एयरपोर्ट से सीधे कामाख्या मंदिर के लिए रवाना हो गए। उन्होंने कामाख्या मंदिर के दर्शन के बाद होटल रैडिसन ब्लू में आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित किया। केंद्रीय मंत्री नीतिन गडकरी ने पूर्वोत्तर क्षेत्र और सिक्किम में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के अपने तीन दिवसीय समीक्षा कार्यक्रम के पहले दिन असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह और राज्य के वरिष्ठ अधिकारी और ठेकेदारों की उपस्थिति में असम, मेघालय, सिक्किम और नगालैंड में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान भूमि अधिग्रहण के मुद्दों, चल रही परियोजनाओं की प्रगति, प्रस्तावित परियोजनाओं,नई प्रौद्योगिकियों के उपयोग, विवादों, मध्यस्थता और संभावित वित्तीय हस्तक्षेपों से संबंधित मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री गडकरी ने विलम्ब के कारणों को समझने के लिए 4 राज्यों में विलंबित परियोजनाओं की भी समीक्षा की और उन्हें पटरी पर लाने के लिए विशेष निर्देश जारी किए। गडकरी ने सभी अधिकारियों को परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों में शीर्ष श्रेणी के परिवहन बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए केंद्र और राज्य एजेंसियों के बीच समन्वय और साझेदारी के महत्व पर जोर दिया। समीक्षा बैठक में उन्होंने ऊपरी असम में जर्जर सड़कों को लेकर नाराजगी जाहिर की। इसके अलावा मुख्यमंत्री हिमंत विश्वशर्मा की उपस्थिति में ही गडकरी ने एक ठेकेदार संस्थान को कड़ी चेतावनी दी और दूसरे ठेकेदार संस्थान को बर्खास्त कर दिया। बैठक की शुरुआत में केंद्रीय मंत्री गडकरी ने विभाग के अधिकारियों को जवाबदेह किया। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विस्वाशर्मा की उपस्थिति में ही ठेकेदारों को धमकाया और उनसे कहा कि मैं सभी की कुंडली का अध्ययन करके आया हूं। किसी को झूठ नहीं बोलना चाहिए। गडकरी ने मोरान बाईपास से बोगीबिल तक हाईवे के निर्माण कार्य की धीमी गति के कारण टीके इंजीनियरिंग नामक संस्थान को चेतावनी दी। केंद्रीय मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि टेंडर में हिस्सा लेने पर भी टीके इंजीनियरिंग को टेंडर न दें। उन्होंने जोराबाट और माजुली के बीच दो लेन के पुल के निर्माण में धीमी गति के लिए कंपनी को जिम्मेदार ठहराया और उन्हें जवाबदेह किया। उन्होंने यूपी सेट ब्रिज कारपोरेशन लिमिटेड को कार्य तत्काल बंद करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अन्यथा उनके खिलाफ विभाग द्वारा कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि मंत्री गडकरी उत्तर प्रदेश में उक्त कंपनी के प्रदर्शन से बेहद असंतुष्ट थे। कंपनी को पहले ब्लैक लिस्टेड किया गया था।
सड़कों की खराब हालत पर जताई नाराजगी