जयपुर : राजस्थान के पूर्व मंत्री और कांग्रेस के पंजाब मामलों के प्रभारी हरीश चौधरी ने शुक्रवार को कहा कि मुख्यमंत्री के आश्वासन के बावजूद ओबीसी आरक्षण विसंगतियों को दूर करने संबंधी मुद्दे को मंत्रिमंडल की बैठक में शामिल नहीं किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उल्लेखनीय है कि बाड़मेर के बायतु से कांग्रेस विधायक हरीश चौधरी ओबीसी आरक्षण में हुई विसंगतियों को दूर करने के लिये ओबीसी आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले कई बार आंदोलन कर चुके हैं। चौधरी ने कहा कि भर्तियों में पूर्व सैनिकों को अपने वर्ग में टॉपर होने के बावजूद भी नियुक्ति नहीं मिल पा रही है, इसलिए इस प्रावधान के अंदर हम तब्दीली करने की मांग कर रहे है। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों और केंद्र सरकार में यह प्रावधान है तो फिर इसमें कोई कानूनी अड़चन नहीं है। मंत्रिमंडल की बैठक बुधवार को हुई थी। चौधरी ने बृहस्पतिवार को ट्वीट में कहा था कि ओबीसी आरक्षण विसंगति मामले को मंत्रिमंडल की बैठक में रखने के बावजूद एक विचारधारा विशेष के द्वारा इसका विरोध चौंकाने वाला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी मैं स्तब्ध हूं। आखिर क्या चाहते हैं आप? मैं ओबीसी वर्ग को विश्वास दिलाता हूं कि इस मामले को लेकर जो लड़ाई लड़नी पड़ेगी , मैं लड़ूंगा। चौधरी ने शुक्रवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि हमें विश्वास था कि जब मुख्यमंत्री ने खुद ने प्रशासनिक स्वीकृति दी तो जल्द ही इस संबंध में आदेश जारी कर दिये जाएंगे।’ उन्होंने कहा कि जब वह मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से हिमाचल प्रदेश के दौरे के दौरान आठ नवंबर को मिले थे तब भी उनकी यही राय थी कि यह मुद्दा बिल्कुल सही है और जब प्रशासनिक स्वीकृति उन्होंने दे दी है तो अपने आप ही उनकी नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि उस मुद्दे पर आगे की प्रक्रिया को पूरी करे, इसका उन्हें अति विश्वास था कि जल्द ही इस संदर्भ में मंत्रिमंडल की बैठक बुलाकर इसको स्वीकृति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अगले दिन मंत्रिमंडल की बैठक तय होती है और बैठक में यह मुद्दा टाल दिया जाता है जो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में मुद्दे को टाले जाने से मैं स्तब्ध था तो मैंने ट्वीट के माध्यम से मेरी भावनाएं इजहार की। मुझे समझ में नहीं आया कि क्यों टाला गया। उन्होंने कहा कि हमारा किसी के साथ संघर्ष नहीं है.. कोई विवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि हम आरक्षण संघर्ष समिति से जुड़े हुए है हर व्यक्ति यह मानता है कि हम सही हैं। इसलिये हम डरेंगे नहीं और अपनी जायज मांग के लिए मंत्रिमंडल के तमाम सदस्यों से वार्ता करेंगे, उनको समझायेंगे । संगठन से जुड़े होने के नाते व्यक्तिगत तौर मैं पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष से मिल चुका हूं और पूर्व अध्यक्षों से मिलकर बात करूंगा और यह जल्द फैसला करवायेंगे।
मंत्रिमंडल की बैठक में ओबीसी आरक्षण विसंगति मुद्दे को शामिल नहीं किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण : चौधरी