पर्यावरण संरक्षण का संदेश लेकर साइकिल से भारत के भ्रमण पर निकली मध्य प्रदेश के राजगढ़ के एक छोटे से गांव में रहने वाली बेटी आशा मालवीय सोमवार को साइकिल से यात्रा करते हुए धार पहुंची हैं। यहां शहरवासियों ने उनका फूल बरसाकर जमकर स्वागत किया। इस दौरान आशा ने कहा कि महिलाएं हर जगह सुरक्षित हैं। बस थोड़ा हौसला रखने की ठाननी होगी। मंजिल आपके कदमों में होगी। आपको बता दें कि, मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले छोटे से गांव नाडाराम की रहने वाली आशा मालवीय मध्य प्रदेश के स्थापना दिवस के दिन से राजधानी भोपाल से साइकिल पर सवार होकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश लेकर भारत की यात्रा पर निकली है। यात्रा के दौरान वो 28 राज्यों से गुजरते हुए 20 हजार किलोमीटर का सफर तय करेगी। आशा की यात्रा उद्देश्य मध्य प्रदेश पर्यटन की ऐतिहासिक धरोहरों का प्रचार प्रसार करना, यहां के रहन-सहन कल्चर का प्रचार प्रसार करना और पर्यावरण को बचाने का संदेश देना है। आशा महिला सशक्तिकरण का संदेश भी दे रही हैं। धार पहुंची आशा का कहना है कि, उनकी साइकिल यात्रा 300 दिन की है। इस अवधि में वो 20 हजार कि.मी का सफर तय करेंगी। उन्होंने बताया कि, अपनी साइकिल यात्रा की शुरुआत उन्होंने मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के मौके पर राजधानी भोपाल से की है। यात्रा का उद्देश्य मध्य प्रदेश पर्यटन की ऐतिहासिक धरोहर का प्रचार प्रसार करना, यहां के रहन-सहन और कल्चर के बारे में देशभर को अवगत कराना, साथ ही जल व पर्यावरण संरक्षण को लेकर लोगों को जागरूक करना है।
साइकिल से भारत भ्रमण पर निकली ये लड़की, 20 हजार कि.मी का करेगी सफर