बाली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि भारत की जी-20 की अध्यक्षता समावेशी, महत्वाकांक्षी, निर्णायक और कार्योन्मुखी होगी तथा देश ऐसे समय में यह जिम्मेदारी संभाल रहा है जब दुनिया भूराजनीतिक तनावों, आर्थिक मंदी एवं बढ़ती ऊर्जा कीमतों से जूझ रही है। जी-20 के यहां हुए दो दिवसीय सम्मेलन के समापन पर भारत को इस प्रभावशाली समूह की अध्यक्षता सौंपी गई। सम्मेलन में यूक्रेन पर रूस के हमले और इसके आर्थिक प्रभावों से निपटने के तरीकों पर स्पष्ट मतभेद दिखाई दिए। इंडोनेशिया की मेजबानी में हुए सम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित   करते हुए मोदी ने कहा कि भारत यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा कि  जी-20 अगले एक साल में नए विचारों की परिकल्पना के लिए तथा सामूहिक कार्रवाई में तेजी लाने के लिए एक वैश्विक प्रमुख प्रवर्तक के रूप में काम करे। मोदी ने कहा कि भारत ऐसे समय में जी-20 का कामकाज संभाल रहा है जब दुनिया एक साथ भूराजनीतिक तनावों, आर्थिक मंदी, बढ़ती खाद्य एवं ऊर्जा कीमतों के साथ ही महामारी के दीर्घकालिक दुष्प्रभावों से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में दुनिया जी-20 को उम्मीद के साथ देख रही है। आज, मैं आश्वासन देना चाहता हूं कि भारत की जी-20 की अध्यक्षता समावेशी, महत्वाकांक्षी, निर्णायक और कार्योन्मुखी होगी। भारत एक दिसंबर से आधिकारिक रूप से जी-20 की अध्यक्षता संभालेगा। समूह का राष्ट्र प्रमुख/सरकार प्रमुख स्तर का शिखर-सम्मेलन नयी दिल्ली में अगले साल 9 और 10 सितंबर को आयोजित किया जाएगा।मोदी ने इससे पहले एक सत्र में अपने भाषण में कहा कि ‘डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन’ (डिजिटल प्रौद्योगिकी के अनुकूल ढलने के लिए बदलाव) कुछ लोगों तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए और इसका अधिक लाभ तभी मिल सकता है, जब इसकी पहुंच को वास्तव में समावेशी बनाया जाए।प्रधानमंत्री ने ‘डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन’ पर आयोजित एक सत्र में कहा कि आगामी वर्ष में भारत की जी-20 अध्यक्षता के दौरान ‘विकास के लिए डेटा’ के इस्तेमाल को मुख्य रूप से महत्व दिया जाएगा।मोदी ने समापन सत्र में अपने भाषण में कहा कि जी-20 की भारत की अध्यक्षता प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव का अवसर है और देश अलग-अलग शहरों तथा राज्यों में जी-20 की बैठकें आयोजित करेगा। उन्होंने कहा कि हमारे मेहमानों को भारत की अद्भुत विविधता, समावेशी परंपराओं और सांस्कृतिक समृद्धि का पूरा अनुभव मिलेगा। हम चाहते हैं कि आप सभी ‘लोकतंत्र की जननी’ भारत में इस अनोखे उत्सव में भाग लें। हम मिलकर जी-20 को वैश्विक बदलाव का उत्प्रेरक बनाएंगे। मोदी ने जी-20 के लिए भारत की प्राथमिकताएं भी गिनाईं। उन्होंने कहा कि अगले एक साल में हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि जी-20 नये विचारों की परिकल्पना तथा सामूहिक कार्रवाई को तेज करने के लिए प्रमुख वैश्विक प्रवर्तक के रूप में काम करे। मोदी ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों पर स्वामित्व की भावना आज के समय संघर्ष बढ़ा रही है और पर्यावरण की दशा का मुख्य कारण बन गयी है।