गुवाहाटी : वन विभाग दुधनै में बुधवार को अतिक्रमित हाथी आवास को खाली करने की योजना बना रहा है। वन विभाग दुधनै में अतिक्रमित हाथी आवास को खाली करने की योजना बना रहा है। वन विभाग पर हाथी-मानव संघर्ष के बहाने वन क्षेत्रों में रबड़, चाय और नारियल की खेती को बेदखल करने की शिकायत है। वन विभाग के बेदखली अभियान के खिलाफ बुधवार को दुधनै राजस्व चक्राधिकारी कार्यालय के सामने रबड़ कृृषक संस्था के सैंकड़ों सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने दुधनै साप्ताहिक बाजार से जुलूस निकाले और दूधनै राजस्व चक्र अधिकारी के कार्यालय तक पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने हाथी-मानव संघर्ष के बहाने किसानों की बेदखली को समाप्त करने की मांग की। इसके अलावा उन्होंने स्वदेशी लोगों के भूमि अधिकार सुनिश्चित करने, वन अधिनियम 2006 का कार्यान्वयन तथा स्वदेशी लोगों की भूमि की बेदखली बंद करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने हमारी मांग पूरी होनी चाहिए, स्वदेशी भूमिपुत्रों को बेदखल करना बंद करो, हमें जमीन का अधिकार दो, रबड़ कृषक संस्था जिंदाबाद जैसे नारे लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने असम सरकार को दुधर्नै राजस्व चक्र अधिकारी के माध्यम से एक ज्ञापन भेजा, जिसमें बेदखली पर रोक लगाने की मांग की गई। मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा गया है कि ग्वालपाड़ा जिले के कई आरक्षित वन संदिग्ध नागरिकों के निवास स्थान बन गए हैं और यह मूल निवासियों के लिए खतरा बन गया है। रबड़ किसान संघ को उम्मीद है कि सरकार इस संबंध में उचित कार्रवाई करेगी।